बीजेपी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि आडवाणी जी सचमुच बीमार हैं. डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है. इसी वजह से वे अगले 3-4 दिन तक केवल आराम करेंगे.
जावड़ेकर ने कहा कि राजनाथ सिंह ने भी आडवाणी को तनाव न लेने की सलाह दी है. राजनाथ ने फोन पर आडवाणी को यह सलाह दी. जावड़ेकर ने बताया कि आडवाणी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दी हैं.
जब प्रकाश जावड़ेकर से आडवाणी की बीमारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह मौसम बदलने की वजह से है, कोई बड़ी बीमारी नहीं है. जावड़ेकर ने कहा कि आडवाणी उनके मार्गदर्शक रहे हैं और रहेंगे.
बिना आडवाणी के शुरू हुई कार्यकारिणी
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हो गई है. खास बात यह है कि इस बैठक में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण्ा आडवाणी नहीं हैं. आडवाणी कार्यकारिणी में मोदीमय माहौल से नाराज बताए जा रहे हैं.
कार्यकारिणी की बैठक में मंच पर पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के साथ सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को जगह दी गई है. नरेंद्र मोदी पिछली कतार में बैठे हैं, जबकि शिवराज सिंह चौहान पहली पंक्ति में हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी आडवाणी के बिना ही मोदी के नाम पर कदम आगे बढ़ाने का मन बना चुकी है.
आडवाणी ने रद्द की गोवा की फ्लाइट
बीजेपी की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आकर खड़ी है, जहां से उसका भविष्य तय होना है. हो सकता है कि बीजेपी पूरी तरह बिखर जाए और यह भी संभव है कि पार्टी का बेड़ा पार हो जाए.
गोवा में शनिवार बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले ही बीजेपी के भीतर मतभेदों के सुर ऊंचे हो गए. बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को मोदी को प्रचार कमेटी की कमान सौंपे जाने पर ऐतराज है, वहीं मोदी गुट मोदी में ही अपना भविष्य देख रहा है. मोदी समर्थक हर हाल में मोदी के सर सेहरा सजा देखना चाहते हैं.
शुक्रवार को आडवाणी बीजेपी पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होने गोवा नहीं पहुंचे. कहा गया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. पर 'अंदर की बात' मोदी को लेकर ही थी. कयास थे कि शनिवार सुबह आडवाणी गोवा पहुंचेंगे, क्योंकि शनिवार सुबह 10 बजे उनकी गोवा की फ्लाइट तय थी. पर ऐसा भी नहीं हुआ. शनिवार सुबह उन्होंने फ्लाइट रद्द करवा दी और कहा कि उनकी तबीयत 'ठीक' नहीं है. यह आधिकारिक तौर पर साफ हो गया है कि आडवाणी शनिवार को गोवा नहीं पहुंच रहे.
खबर है कि आडवाणी के बाद उन्हीं के गुट के यशवंत सिन्हा और बी सी खंडूरी भी बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाग लेने नहीं जा रहे हैं.
दो दिन चलने वाली कार्यकारिणी में रविवार को आडवाणी पहुंच सकते हैं. हालांकि यह भी पक्के तौर कहा नहीं जा सकता. इससे पहले शुक्रवार को राजनाथ सिंह समेत पार्टी के कई बड़े नेताओं ने लालकृष्ण आडवाणी को मनाने की कोशिश की, लेकिन आडवाणी नहीं माने.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब गेंद संघ के पाले में है. संघ ही तय करने वाला है कि मोदी के नाम पर मुहर लगाई जाए या नहीं. सूत्र कहते हैं कि संघ की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यदि आडवाणी नहीं भी आते तो भी नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा कर दी जानी चाहिए. ऐसे में अब लगभय तय है कि नरेंद्र मोदी को प्रचार कमेटी की कमान सौंप दी जाएगी. रविवार शाम को राजनाथ सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस बारे में घोषणा कर सकते हैं.
2014 में होने वाले आम चुनाव में मोदी की भूमिका को लेकर बीजेपी दो हिस्सों में बंट गई है. संभवत: मोदी का विरोध जताने के लिए उमा भारती, जसवंत सिंह, योगी आदित्यनाथ भी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.
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