महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने से जुड़ा आपराधिक कानून संशोधन विधेयक को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. इससे पहले सहमति से सेक्स की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने पर मंत्री समूह में एक राय बन गई थी.
सहमति से सेक्स की उम्र 16 की गई
जीओएम ने सहमति से सेक्स की उम्र 18 साल से घटा कर 16 साल करने की सिफारिश की थी. बाल एवं महिला विकास मंत्रालय को इस पर खास एतराज़ था.
यौन उत्पीड़न की जगह विधेयक में बलात्कार शब्द का ही इस्तेमाल होगा, यानी पीड़ित हर सूरत में महिला ही होगी. ये मांग खास तौर पर महिला संगठनों की थी. इसके अलावा पीछा करने और छिप कर देखने जैसे मुद्दों को गैर ज़मानती अपराधों के दायरे में डाला गया है. इस मामले में झूठी शिकायत होने पर सजा का कोई प्रावधान नहीं है.
महिलाएं महफूज़ महसूस करें यह पूरा देश चाहता है. लेकिन इस एहसास के लिए किसी के ख़िलाफ किसी को क्या अंतहीन अधिकार दिए जा सकते हैं?
यह सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि...
- 16 साल में शादी नहीं कर सकते लेकिन संबंध बना सकेंगे. शादी की उम्र लड़कों के लिए 21 साल है.
- शादी छोड़ दीजिए 16 साल में एडल्ट श्रेणी की फिल्म तक नहीं देख सकते लेकिन संबंध बना सकते हैं.
- 16 साल में शराब नहीं पी सकते लेकिन शारीरिक संबंध बना सकते हैं.
किस ज़ुर्म पर कितनी सज़ा है मंत्री समूह द्वारा पास किए गए एंटी रेप कानून में:
- रेप पर उम्र कैद.
- तेज़ाब फेंकने पर उम्र कैद.
- नाबालिग से दुष्कर्म पर उम्र कैद.
लेकिन जो हाहाकारी है वो ये कि इस कानून में ज़्यादातर गुनाहों को ग़ैरज़मानती बना दिया गया है.
- ताक झांक करना गैर जमानती होगा.
- पीछा करना गैर जमानती अपराध की श्रेणी में होगा.
- किसी महिला को घूरकर देखना भी गैरज़मानती.
- अगर बार-बार छींटाकशी की तो वो भी गैरज़मानती.
- मतलब कोई पुरुष ट्रैफिक जाम में फंस गया हो और इत्तेफाक से उसकी कार किसी महिला की कार के पीछे हो तो महिला उसपर पीछा करने का आरोप लगा सकती है और उसकी ज़मानत नहीं होगी.
- इसी तरह आप किसी महिला को पहचानने की कोशिश कर रहे हों और महिला को ये पसंद न आए तो वो उसे 100 नंबर डायल करके अंदर करा सकती है.
- अगर कोई पुरुष काम करते हुए किसी महिला की तरफ बीच-बीच में देख लेता है तो वो गैर जमानती अपराध का भागीदार है. और पुलिस के लिए महिला का बयान आख़िरी होगा.
- हद ये है कि अगर महिला झूठी निकली तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी.