एक ओर बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीना दूभर कर रखा है, तो दूसरी ओर मानसून के कमजोर रहने की आशंका को लेकर केंद्र की नई-नवेली सरकार के माथे पर बल पड़ना शुरू हो गया है. ऐसे में बुरे हालात से निपटने के लिए बुधवार को शाम 5 बजे कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है.
कैबिनेट की बैठक में 7 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के बजट सत्र को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट के मंत्री इस बात पर मंथन करेंगे कि आखिर कड़े फैसले लेने की स्थिति में भी किस तरह जनता का भरोसा जीता जाए.
इससे पहले, वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मुश्किल हालात की बात को स्वीकारते हुए कहा था कि महंगाई हद से ज्यादा बढ़ गई है. साथ ही वित्तमंत्री ने बयान दिया था कि अगर अच्छी सुविधाएं चाहिए, तो उसकी कीमत चुकानी होगी. एक कदम आगे जाकर उन्होंने यह भी कह डाला कि अगर आप कीमत नहीं चुकाएंगे, तो खस्ताहाल संस्थान आपको अच्छी सुविधाएं नहीं दे सकते. ऐसे में यह अंदाजा लगाना सहज हो जाता है कि हालात किस हद तक बेकाबू हो रहे हैं.
खैर, जहां तक राजधानी दिल्ली की बात है, यहां महंगाई से निपटने के लिए जमाखारों के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है. बीते दिन दिल्ली में 549 जगहों पर छापेमारी की गई. गाजीपुर समेत कई मंडियों में छापेमारी हुई, जिनमें 104 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. उपराज्यपाल के आदेश पर जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. छापेमारी के लिए 52 टीमें बनाईं गईं. पिछले महीने 532 जगहों पर छापेमारी हुई थी.