सरकार, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के एक पूर्व अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों पर संसद में चर्चा कराने के मूड में नजर आ रही है. अधिकारी ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर पीएसी की रिपोर्ट तैयार करने के लिए लेखा अधिकारियों को अपने घर पर बुलाया था. इस रिपोर्ट में सरकार को दोषी ठहराया गया है.
सरकारी सूत्रों ने बताया कि संप्रग सरकार की प्रमुख घटक द्रमुक पार्टी, संसद के चालू शीतकालीन सत्र में एक प्रस्ताव पेश करेगी जिसमें कैग में डाक और दूरसंचार विभाग के पूर्व महानिदेशक, आरपी सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर चर्चा के लिए दबाव बनाया जाएगा.
संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष जोशी ने, सिंह द्वारा आरोपों को सही साबित किए जाने की सूरत में इस्तीफे की पेशकश की है.
सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें संसद को सौंपी जाने वाली 2010 की ऑडिट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने को कहा गया था और उस रिपोर्ट में स्पेक्ट्रम की बिक्री से 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गयी थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने 2645 करोड़ रुपये के नुकसान होने के अनुमान की बात कही थी लेकिन उन्हें अपने वरिष्ठों के आदेश पर 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की बात कहने वाली रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने पड़े थे.