वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में उसी हथियार का इस्तेमाल किया गया था, जिससे सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या को अंजाम दिया गया था. सीबीआई ने पुणे कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखने के दौरान यह जानकारी दी.
सीबीआई के मुताबिक दाभोलकर हत्याकांड के आरोपी सचिन प्रकाशराव अंदुरे ने पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा किया. हालांकि अभी तक मामले की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट नहीं आई है.
अदालत में पेश की गई रिमांड रिपोर्ट के मुताबिक दाभोलकर हत्याकांड के आरोपी सचिन प्रकाशराव अंदुरे से पूछताछ में सीबीआई को पता चला कि गौरी लंकेश की हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल उसको अमोल काले ने दी थी. अमोल काले वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या मामले में आरोपी है. गौरी लंकेश की हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी अमोल काले ने अंदुरे को 7.65 एमएम की देसी पिस्तौल और तीन गोलियां दी थी.
बता दें कि दाभोलकर की हत्या के चार साल बाद गौरी लंकेश की हत्या हुई थी. इन दोनों ही मामलों में सनातन संस्था समेत दक्षिणपंथी संगठनों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है. हालांकि सीबीआई ने अपनी रिमांड याचिका में किसी भी संगठन का नाम नहीं लिया है, जो इन मामलों में शामिल हो सकता है.
वहीं, पुणे की अदालत ने दाभोलकर हत्याकांड के आरोपी अंदुरे की सीबीआई कस्टडी 30 अगस्त तक बढ़ा दी. उसको रविवार को पुणे की जिला अदालत में पेश किया गया. इससे पहले पिछले सप्ताह उसे औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई के मुताबिक सचिन प्रकाशराव अंदुरे पहला शूटर और शरद कलसकर दूसरा शूटर है, जिन्होंने नरेंद्र दाभोलकर पर गोलियां चलाई थी.
रविवार को सीबीआई के वकील ने अंदुरे की हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि दाभोलकर और गौरी लंकेश के हत्यारों के बीच संबंध है. गौरी लंकेश की हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल सचिन प्रकाशराव अंदुरे और उसके सहयोगी के घर से बरामद की गई. यही पिस्तौल दाभोलकर की हत्या के लिए भी इस्तेमाल की गई थी.