नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू होने के बाद देश में जारी विरोध- प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर दिक्कत क्यों हो रही है.
उन्होंने कहा कि जब वोटर आईडी कार्ड बनवाते हैं तब अपने माता-पिता के नाम आप देते हैं. पैन कार्ड बनवाते हैं, तब भी आप माता-पिता के नाम, मोबाइल नंबर देते हैं. आधार कार्ड बनवाते हैं तब भी डॉक्यूमेंट्स देते हैं. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जब आप दाखिला कराने स्कूल-कॉलेज जाते हैं तब भी माता-पिता के नाम बताते हैं. ऐसे में एनपीआर से दिक्कत क्यों हो रही है.
पी चिदंबरम ने कहा था एनपीआर होगा
केंद्रीय कानून मंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि सब विरोध कर रहे हैं, लेकिन वह क्यों कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए-2 की सरकार में तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने लिखा था कि एनपीआर जरूरी है. चिदंबरम ने 2010 में एनआरसी का समर्थन किया था लोकसभा में. आज राहुल गांधी कह रहे हैं कि देश डूब रहा है. वह करें तो सही और हम करें तो गलत.
इससे पहले रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को जमकर घेरा. उन्होंने कांग्रेस शासित प्रदेशों में शांति का उल्लेख करते हुए विरोधी दल को कठघरे में खड़ा किया और कहा कि जब अशोक गहलोत, तरूण गोगोई पत्र लिखते हैं, मनमोहन सिंह संसद में पाकिस्तान से आए हिंदू सिख को सम्मान और सुविधाएं देने की बात करें तो ठीक है. हम वही कर दें तो गलत. उन्होंने यह भी साफ किया कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर का आपस में कोई संबंध नहीं है.