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चीन के नापाक मंसूबों पर विदेश मंत्रालय ने भेजा नोट, आज होगी संसदीय कमेटी की बैठक

एक आर्टिकल और मैप के हवाले से बताया कि चीन अपने पूर्व और दक्षिण में 20-20 किमी का एरिया बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. बिना युद्ध किए अपनी शातिर चालों और भारी संख्या में सेना की तैनाती कर चीन अपनी सीमा बढ़ाने और स्टेटस क्यू को बदलने में लगा है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

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डोकलाम बॉर्डर विवाद पर चर्चा को लेकर आज संसद की विदेश मामलों की संसदीय कमेटी की बैठक होगी. कमेटी की बैठक ने विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी डोकलाम बॉर्डर पर अपनी जानकारी कमेटी को देंगे. कांग्रेस नेता शशि थरूर कमेटी के चेयरमैन हैं

डोकलाम पर संसद की विदेश मामलों की संसदीय कमेटी ने बैठक से पहले चीन कमेटी के सदस्यों को विदेश मंत्रालय की तरफ से भेजे नोट में चीन के नापाक मंसूबों को बताया. ये नोट MEA की तरफ से विदेश सचिव के नोट के साथ कमिटी के सदस्यों को आज का बैठक से पहले भेजा गया है. इस नोट में जानकारी दी गई है कि चीन लगातार बार्डर पर अपना दावा बढ़ा रहा है.

एक आर्टिकल और मैप के हवाले से बताया कि चीन अपने पूर्व और दक्षिण में 20-20 किमी का एरिया बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. बिना युद्ध किए अपनी शातिर चालों और भारी संख्या में सेना की तैनाती कर चीन अपनी सीमा बढ़ाने और स्टेटस क्यू को बदलने में लगा है.

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याटूंग समेत चुंबी वैली में चीन सभी उंचाई वाले पॉइंट पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है. चीन की सेना पर भारतीय इलाके पर अवैध तरीके से कब्जा करती है और फिर चीन उसको सही ठहराता है. चीन ने भूटान के इलाके में 60 किमी की रोड अवैध तरीके से बना ली है. साथ ही अब 32 किमी की सड़क और बनाने जा रहा है. चीन सीमा पर नए बैरक और मॉडल गांव बना रहा है, जहां हान लोगों को बसाया जाएगा.

सीमा पर 2-4 साल में बैरक, बिल्डिंग, वेयर हाउस बनाए गए हैं, जो मेनलिंग एयरपोर्ट के नजदीक है.

बॉर्डर पर चीन रेलवे लाइन का जाल बिछा रहा रहा है, जो कि काफी हद तक पूरा भी हो गया है. इस रेलवे लाइन से 3 घंटे में ल्हासा से भारत की सीमा के 15 किमी करीब तक पहुंचा जा सकता है, जो कि देश की सुरक्षा के लि‍ए गंभीर खतरा है.ल्हासा में चीन अंडरग्राउंड सैन्य स्थल भी बना रहा है. सियाचीन के उत्तर में पीओके में चीन रोड और सैन्य पोस्ट बना रहा है. चीन ने अक्साई चीन, चुंबा वैली, कोना में रडार लगाए हैं.

चीन ब्रह्मपुत्र पर 6 डैम बना दिए है जिससे मुख्य नदी को पूरी तरह रोक दिया गया है. नोट के अंत में भारत को क्या करना चाहिए ये भी सुझाव दिया गया है कि भारत को कैलाश मानसरोवर और इसके आस-पास के इलाके पर दावा करना चाहिए. साथ ही ब्रिटिश इंडिया के राज और कब्जे वाले इलाके पर भी भारत को दावा करना चाहिए.

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