नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज पहली याचिका दायर होगी. संसद के दोनों सदनों से नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के बाद गुरुवार को राष्ट्रपति ने भी इसे मंजूरी दे दी थी. नागरिकता संशोधन विधेयक के एक्ट बन जाने के बाद इसके खिलाफ यह पहली याचिका होगी.
पीस पार्टी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेगी. इससे पहले नागरिक संशोधन विधेयक के खिलाफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने गुरुवार को याचिका दाखिल की थी, लेकिन विधेयक को राष्ट्रपति से मंजूरी कल देर रात मिली है. इसलिए ये विधेयक अब कानून बन चुका है.
क्या है पीस पार्टी की दलील
सूत्रों के मुताबिक, पीस पार्टी ने अपनी याचिका में कहा है कि धर्म के आधार पर वर्गीकरण की संविधान इजाजत नहीं देता. यह बिल संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है. धर्म के आधार पर वर्गीकरण को संविधान की मूल भावना के खिलाफ है.
पीस की ओर से कहा गया है कि नागरिकता संशोधन विधेयक संविधान के सेक्युलरिज्म के मूल सिद्धांतों का हनन करता है. पीस पार्टी ने अपनी याचिका में नागरिकता संशोधन कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है. बता दें कि पूर्वोत्तर के राज्यों में इस कानून के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं और आंदोलन कर रहे हैं.