गुजरात में बीजेपी का चुनाव प्रचार करने पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू बेलगाम हो गए. पहलें तो उन्होंने प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी की. फिर केशुभाई पटेल को भी लपेटे में ले लिया. अक्सर मुहावरों से मारने वाले सिद्धू ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ डाली.
लोकतंत्र की लड़ाई में जुबान से बल्लेबाजी करने आए सिद्धू पहली ही गेंद पर इतने आक्रामक हुए कि शॉट का संतुलन बिगड़ गया. वैसे तो मुहावरों के महारथी सिद्धू को लच्छेदार भाषा में बात करते हुए आपने कई मर्तबा सुना होगा लेकिन यहां तो मुहावरे की मीनार तोड़ कर भाषा अभद्र हुई जा रही थी. प्रधानमंत्री को निशाने पर लेने के बाद वो केशुभाई पटेल पर आए. उनके ही गढ़ विसावदर में घुसकर उन्हें पार्टीद्रोही, देशद्रोही कह डाला.
फिर वो चुनाव का चरित्र बताने पर उतर आए. सिद्धू ने कहा कि ये मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री का चुनाव है.
सिद्धू एक ही रैली में पुराने सारे हिसाब चुकता करने के इरादे से आए थे. मोदी के खिलाफ जो कुछ भी कहा गया, सूद समेत वापस लौटाना चाह रहे थे लेकिन दिक्कत ये थी उन्हें सुनने वाले कम थे. लिहाजा उन्हें बार-बार मदारी वाले अंदाज में ताली बजाओ ताली बजाओ कहना पड़ रहा था.