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राहुल गांधी पर अरुण जेटली का तंज, 'फेल स्टूडेंट हमेशा क्लास के टॉपर से नफरत करता है'

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग के जरिए राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. अपने लेख में उन्होंने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ घृणित बयानबाजी का आरोप लगाते हुए उन्हें असफल छात्र करार दिया.

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अरुण जेटली (तस्वीर- पीटीआई)
अरुण जेटली (तस्वीर- पीटीआई)

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केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने अमेरिका से दिल्ली लौटते ही कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने फेसबुक पर लिखे ब्लॉग के जरिए राहुल गांधी और कांग्रेस पर सेना, कोर्ट और रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ 'नकली अभियान' चलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अभी देश और यहां की संस्थाओं को मिटाने पर तुले लोगों से इसे बचाने का समय है. अपने लेख में उन्होंने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ घृणित बयानबाजी का आरोप लगाते हुए उन्हें असफल छात्र करार दिया.

अपने फेसबुक पोस्ट में जेटली ने यूपीए के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारें आरबीआई, न्यायपालिका और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी संस्थाओं के साथ हस्तक्षेप करती थीं.  जेटली ने अपने पोस्ट का शीर्षक 'इंस्टीट्यूशन्स अंडर अटैक - द लेटेस्ट फैब्रिकेशन' रखा है. उन्होंने लिखा कि पिछले दो महीनों में कई "फर्जी अभियान" देखे गए हैं, जो कि अपने मकसद में असफल रहे क्योंकि झूठ दीर्घायु नहीं होती है. उन्होंने कहा कि इस दौरान यह लोग एक झूठ से दूसरे झूठ के बीच उलझते रहे.

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जेटली ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र गंभीर संकट में है. उन्होंने कहा, 'बीजेपी के नेताओं को जमीन पर नहीं उतरने दिया गया, सार्वजनिक सभाओं को रोका गया, रथयात्रा को रोक दिया गया. कई मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी का रुख आत्म-विरोधाभासी है. वह केरल में कैमरों के पीछे गाय की हत्या करते हैं और मध्य प्रदेश में गो-वध के खिलाफ राष्ट्रीय कानून अधिनियम लागू करते हैं.'

 जेटली ने कहा कि संस्था संरक्षकों की इन नई उभरती हुई नस्लों की दो महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं. एक तरफ वो सरकार की आलोचना करते हैं और साथ ही यह तर्क भी देते हैं कि अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में है. उन्होंने कहा, 'वे लोकतंत्र के लिए मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को वंशवाद में बदलने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं.'

जेटली ने कहा, 'कांग्रेस ने हाल के छत्तीसगढ़ चुनावों में माओवादियों के साथ गठबंधन किया. राहुल गांधी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 'टुकड़े टुकड़े' गिरोह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखे थे. कांग्रेस अदालत में अर्बन नक्सलियों का बचाव करने में सबसे आगे थी. इतना सबकुछ के बाद भी कांग्रेस संस्थाओं और लोकतंत्र के लिए खड़े रहने वाले दल के रूप में खुद को पेश करती है.' उन्होंने कहा कि ये 'संस्था रक्षक' भारत में अवैध घुसपैठियों को वैध बनाने का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग देश को टुकड़े-टुकड़े करना चाहते हैं, उनके समर्थन में वे आसानी से कूद जाते हैं.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर संसद के कामकाज को ठप करने का आरोप लगाते हुए जेटली ने कहा कि राफेल पर उनके दो भाषण प्रधानमंत्री के प्रति ईर्ष्या से निकली व्यक्तिगत नफरत पर आधारित हैं. उन्होंने कहा, 'आने वाले समय में लोग याद करेंगे कि कैसे पंडित जवाहरलाल नेहरू के महान पोते ने किसी अन्य की तुलना में भारत की संसद को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस रोज सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों को बाधित करने का प्रयास करती रही है.

उन्होंने राहुल गांधी को एक असफल छात्र बताते हुए कहा, 'यदि हम राफेल पर राहुल गांधी के दो भाषणों का विश्लेषण करें तो पाएंगे कि वो प्रधानमंत्री से ईर्ष्या से उत्पन्न एक निजी घृणा पर आधारित थे. एक असफल छात्र हमेशा क्लास के टॉपर से नफरत करता है.'

राफेल पर, जेटली ने कहा कि इस सौदे से न केवल भारतीय वायु सेना की युद्धक क्षमता को मजबूती मिली बल्कि सरकारी खजाने के लिए हजारों करोड़ रुपये भी बचाए गए. उन्होंने कहा, 'जब इसका झूठ ढह गया, तो इसके निर्माता आधे दस्तावेज बनाकर अपनी पूरी विश्वसनीयता खो बैठे. वे भूल गए कि सच्चाई हमेशा बनी रहती है.'

2008-2014 के बीच कांग्रेस पर बैंकिंग सेक्टर में घोटाले का आरोप आरोप लगाते हुए जेटली ने कहा कि पार्टी अब आरोप लगा रही है कि औद्योगिक ऋण माफ कर दिए गए थे. उन्होंने कहा, 'एक भी रुपया माफ नहीं किया गया था. इसके विपरीत, बकाएदारों को मैनेजमेंट से बाहर कर दिया गया और कांग्रेस का झूठ उजागर हो गया.'

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यह कहते हुए कि सरकार ने चुनाव आयोग के साथ लगातार एक हाथ की दूरी बनाए रखी है, उन्होंने कहा कि ईवीएम पर हमले का कारण केवल चुनावों में मिली हार को दबाना नहीं है बल्कि यह आयोग पर हमला है. उन्होंने यह भी कहा कि यह वही विपक्ष है जिसने पहले सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए और फिर इसे एक नियमित कार्रवाई करार दिया जो अतीत में भी हो चुकी है.

जेटली ने कहा, 'सेना प्रमुख को 'सड़क का गुंडा' कहकर वर्णित किया गया. लड़ाकू विमान राफेल डील और इसकी प्रक्रिया को लेकर वायु सेना पर गंभीर संदेह उठाए गए. इसके बावजूद उनका आरोप है कि संस्थान पर केंद्र की सरकार हमला कर रही है और उनका मजाक उड़ा रही है.'

आरबीआई के मसले पर जेटली ने कहा कि अतीत में कांग्रेस की सरकारें केंद्रीय बैंक के गवर्नरों को त्यागपत्र देने के लिए कहने में उदारवादी रही हैं. उन्होंने कहा, 'पंडित नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी और उसके बाद यशवंत सिन्हा ने राज्यपालों को पद छोड़ने के लिए कहा था. यूपीए सरकार के दौरान ऐसा कई बार हुआ. लेकिन हाल के दिनों में इस तरह का कुछ भी नहीं हुआ है.'

जेटली ने कहा कि सरकार सीबीआई या किसी अन्य जांच एजेंसी के किसी भी जांच कार्य में हस्तक्षेप नहीं करती है. उन्होंने कहा कि एक जांच एजेंसी की विश्वसनीयता को बहाल करने से संस्था मजबूत होती है न कि उस पर हमला होता है.

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