दल बदलने के चुनावी मौसम में कांग्रेस का एक और विकेट गिर सकता है. चर्चा है कि उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज से कांग्रेस सांसद और पूर्वांचल में पार्टी का सबसे चर्चित चेहरा माने जाने वाले जगदंबिका पाल बीजेपी का दामन थाम सकते हैं.
इसके अलावा नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा कर चुके पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी बीजेपी से जुड़ सकते हैं. उनके नजदीकी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह शनिवार को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.
जगदंबिका को लाने पर BJP में मतभेद?
जगदंबिका पाल के बीजेपी में आने की कोई नेता पुष्टि करने को तैयार नहीं है.
बताया जा रहा है कि बीजेपी की यूपी इकाई के कुछ नेता उन्हें पार्टी में लाने का
विरोध कर रहे हैं.
जब इस पर एनसीपी नेता तारिक अनवर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई पार्टी किसी को दूसरे दल में जाने से नहीं रोक सकती. अगर जगदंबिका पाल अपने राजनीतिक करियर पर कोई फैसला करना चाहते हैं तो यह उनकी इच्छा है. बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अगर कुछ होगा तो खुलेआम होगा.
जेडीयू नेता अली अनवर ने इसे 'आया राम, गया राम' नीति बताते हुए कहा कि जो लोग पहले बीजेपी को गाली देते थे अब बीजेपी में ही शामिल हो रहे हैं.
वीके सिंह के कदम से अन्ना को लगेगा झटका?
वहीं जनरल वीके सिंह लंबे समय से भ्रष्टाचार के खिलाफ काम कर रहे हैं. हालांकि
उन्होंने भी बीजेपी में जाने की पुष्टि करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि वह
अन्ना हजारे के साथ व्यस्त हैं. अभी यह भी साफ नहीं है कि बीजेपी उन्हें लोकसभा
चुनाव में टिकट देगी या नहीं. वीके सिंह का सेनाध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल भी
विवादों से भरा रहा है.
रिटायर होने के बाद से ही उनका रुख सरकार विरोधी रहा है. वह अन्ना हजार के विश्वस्त सहयोगियों में माने जाते हैं. अन्ना की एक और सहयोगी किरण बेदी भी नरेंद्र मोदी का खुला समर्थन कर चुकी हैं. वहीं अन्ना पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे हैं.