राहुल गांधी ने अखबार में छपे एक खबर का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार को NFSA के लाभार्थियों की लिस्ट का विस्तार करना था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. जनता को अपने हक का राशन नहीं मिला और इस समस्या ने त्रासदी का रूप ले लिया.
हालांकि उनके इस आरोप पर केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि राहुल गांधी का यह कहना कि मोदी सरकार ने NFSA लाभार्थियों की सूची का विस्तार नहीं किया, तथ्यों से परे है. यूपीए सरकार ने ही NFSA कानून को 2013 में पास करते समय हर 10 वर्ष में लाभार्थियों की सूची के विस्तार का प्रावधान किया जो कि 2021 की जनगणना के बाद प्रस्तावित है.
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उन्होंने आगे कहा कि जबकि इस कोरोना संकट में हमारी सरकार ने गरीबों की जरूरत को महसूस करते हुए आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत 8 करोड़ वैसे प्रवासी श्रमिकों एवं जरूरतमंदों के लिए 2 महीने मुफ्त अनाज की व्यवस्था की है जिनके पास कोई राशनकार्ड नहीं है.
जबकि इस कोरोना संकट में हमारी सरकार ने गरीबों की जरूरत को महसूस करते हुए #आत्मनिर्भर_भारत_पैकेज के तहत 8 करोड़ वैसे प्रवासी श्रमिकों एवं जरूरतमंदों के लिए दो महीने मुफ्त अनाज की व्यवस्था की है जिनके पास कोई राशनकार्ड नहीं है। 2/2
— Ram Vilas Paswan (@irvpaswan) August 19, 2020
बेरोजगारी पर भी राहुल का हमला
इससे पहले राहुल गांधी ने आज सुबह बेरोजगारी पर केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 4 महीनों में करीब 2 करोड़ लोगों ने नौकरियां गंवाई हैं. 2 करोड़ परिवारों का भविष्य अंधकार में है. फेसबुक पर झूठी खबरें और नफरत फैलाने से बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था के सर्वनाश का सत्य देश से नहीं छुप सकता.
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