अपने 25 सांसदों के निलंबन से नाराज कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मंगलवार को सुबह करीब 10:30 बजे से ही संसद परिसर में कांग्रेस के तमाम सांसद धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन की अगुवाई खुद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं.
कांग्रेस सांसदों को प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी, आरजेडी, एनसीपी और मुस्लिम लीग का थी समर्थन मिल गया है. समूचे विपक्ष ने लोकसभा का बायकॉट कर दिया है. प्रदर्शन के दौरान सरकार पर हल्ला बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, 'सांसदों का निलंबन संविधान के खिलाफ जाकर किया गया है. लोकतंत्र की हत्या हो रही है.' संसद में गतिरोध और इस बाबत कामकाज को लेकर सोनिया ने कहा कि संसद चलाना सरकार का काम है, विपक्ष का नहीं.
प्रदर्शन के दौरान पार्टी के तमाम सांसदों ने बांह पर काली पट्टी बांध रखी है. सभी सांसद संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए हैं. सोनिया और राहुल के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद और तमाम कांग्रेसी राजनीतिक दिग्गज इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं. मनमोहन सिंह ने सांसदों के निलंबन को संविधान के खिलाफ बताया है.
हम नहीं, देश मांग रहा इस्तीफा: राहुल
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वार किया है. उन्होंने कहा कि 'मन की बात' करने वाले पीएम को कभी देश की बात भी सुन लेनी चाहिए. राहुल ने कहा, 'कांग्रेस किसी भी सूरत में सरकार पर दबाव कम करने वाली नहीं है. वो चाहें तो हमें सदन से बाहर निकलवा दें. सांसदों का निलंबन गलत तरीके से किया गया है. विरोध करने मात्र से निलंबन का तुक नहीं है.'
ललित मोदी मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि सुषमा स्वराज ने कानून तोड़ा, जबकि वसुंधरा राजे ने सीधे पर तौर ललित मोदी की मदद की. प्रधानमंत्री को यह समझना होगा कि दागियों का इस्तीफा कांग्रेस नहीं, बल्कि देश मांग रहा है. राहुल ने कहा कि कांग्रेस समूचे भारत में सरकार को घेरेगी.
बीजेपी आचरण को लेकर लाएगी प्रस्ताव
विपक्ष के आक्रामक तेवर से निपटने के लिए सरकार भी रणनीति बनाने में जुट गई है. मंगलवार को सुबह 09:00 बजे बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई, जिसमें फैसला किया गया कि सरकार सदन में कांग्रेस के आचरण के खिलाफ प्रस्ताव लाएगी. इसके बाद कैबिनेट की बैठक भी बुलाई गई.
गौरतलब है कि सोमवार को लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने प्लेकार्ड लेकर सदन में आने और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने पर कांग्रेस के 25 सांसदों को 5 दिन के लिए निलंबित किया था. स्पीकर के मना करने के बावजूद कांग्रेस सांसद सदन के भीतर तख्ती लहरा रहे थे.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के 25 सांसदों के निलंबन को लोकतंत् र का काला दिन बताया है. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात मॉडल का लोकतंत्र लागू करना चाह रहे हैं. कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी 25 सांसदों के निलंबन की जमकर आलोचना की.
निलंबन पर विपक्ष एकजुट
स्पीकर ने ठहराया सही
दूसरी ओर, कांग्रेसी सांसदों के निलंबन को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सही ठहराया है. उनका कहना है कि उन्होंने जो कुछ किया वो संसद के भले के लिए ही किया है.
संसद में लगातार जारी गतिरोध पर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुझाव दिया है कि 'काम नहीं तो वेतन नहीं' की नीति पर अमल फरमाया जाना चाहिए. इस सुझाव पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा, 'अगर इसे लागू करना है तो साल 2004 से लागू किया जाए.'