नितिन गडकरी को आगामी बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव में दूसरी बार इस पद पर बिठाने पर आम सहमति बनती दिख रही है. इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी.
पार्टी सूत्रों ने कहा कि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का विचार है कि अपना नामांकन दायर करने की तैयारी कर रहे गडकरी को दूसरी बार अध्यक्ष पद दिया जाए, क्योंकि किसी अन्य उम्मीदवार पर आम सहमति बनती नहीं दिख रही है.
पिछले सप्ताह तक आडवाणी खेमा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) आम सहमति से किसी उम्मीदवार को चुनने में लगा था. सूत्रों के अनुसार, पूर्ति समूह को लेकर आरोप झेल रहे गडकरी को दूसरा कार्यकाल सौंपने पर आपत्ति जता चुके आडवाणी ने इससे पहले इस पद के लिए रविशंकर प्रसाद के नाम का सुझाव दिया था.
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के नाम पर भी चर्चा की गई थी, लेकिन उन्होंने खुद ही इस पद पर काबिज होने की ज्यादा उत्सुकता नहीं जताई थी.
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की भी चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन पार्टी के नेताओं ने इसकी संभावनाओं ने इनकार करते हुए कहा कि वह आडवाणी की संभावितों की सूची में शामिल नहीं हैं. सूत्रों ने कहा कि मोदी खुद भी पार्टी अध्यक्ष बनने के इच्छुक नहीं हैं, हालांकि वह अगले लोकसभा चुनावों में केन्द्रीय स्तर पर बीजेपी के लिए चुनाव प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
आरएसएस ने गडकरी को दूसरी बार पार्टी अध्यक्ष बनाने के प्रयास तेज किये थे और संघ प्रमुख मोहन भागवत खुद भी उनका समर्थन कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि गडकरी को अगले लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व मिलना चाहिए.