चीन में फैले कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में हड़कंप मचा है. चीनी प्रांत में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विदेश मंत्रालय ने तैयारी की है और एअर इंडिया की फ्लाइट के जरिए उन्हें वापस वतन लाया जाएगा. लेकिन इस मसले पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता ने एअर इंडिया को बेचने के फैसले पर सवाल खड़े किए और कहा कि क्या सरकार किसी प्राइवेट एयरलाइंस को ऐसा आदेश दे सकती है. सरकार के पास अपनी एयरलाइंस होना जरूरी है.
कांग्रेस नेता ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर लिखा, ‘गुड मॉर्निंग, हरदीप पुरी जी. आप विस्तारा, इंडिगो, गो एयर, एअर एशिया या किसी और प्राइवेट एयरलाइंस को वुहान से लोगों को निकालने के लिए कहते? क्यों एअर इंडिया ही? जिस एअर लाइन को बर्बाद किया, अब मुसीबत के वक्त में आपको वही याद आई’.
Good Morning Minister @HardeepSPuri-why don’t you ask Vistara, Indigo,Go Air,Air Asia or any other private airlines to operate Rescue Flights to Wuhan?Why @airindiain only? Airline your Govt’s Nadir Shahi seeks to destroy is one you turn too in a moment of crisis? @AIJointForum pic.twitter.com/Q7IP5riTot
— Manish Tewari (@ManishTewari) January 30, 2020
अपने ट्वीट के साथ ही मनीष तिवारी ने एक बयान भी जारी किया. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि किसी भी मुसीबत के वक्त में एअर इंडिया मदद के लिए आगे रहती है. इसलिए भारत को अपनी एक राष्ट्रीय एयरलाइंस चाहिए. एअर इंडिया का एक विमान मुंबई से वुहान के लिए उड़ान भरेगा, जो कि वहां पर फंसे भारतीयों को वापस लाएगा. मुझे शक है कि कोई प्राइवेट एयरलाइन इस तरह का रिस्क लेती.
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कोरोना वायरस से प्रभावित भारत
बता दें कि चीन में कोरोना वायरस की वजह से करीब 170 लोगों की मौत हो गई है, जबकि हजारों की संख्या में लोग इससे प्रभावित हैं. चीन के हुबई प्रांत से फैले इस वायरस की चपेट में भारत भी आता दिख रहा है. चीन के वुहान में मौजूद करीब 250 छात्र, नागरिकों को भारत सरकार ने वापस लाने की तैयारी की है. एअर इंडिया का विमान सभी भारतीयों को वापस लाएगा.
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गौरतलब है कि लंबे समय से घाटे में चल रही सरकारी एयरलाइंस को भारत सरकार ने बेचने का फैसला किया है. पहले सरकार इसका कुछ ही हिस्सा बेच रही थी, लेकिन अब सौ फीसदी बेचने का निर्णय लिया गया है. पिछले दिनों ही सरकार ने इसकी बोली की तारीख भी तय कर दी है, 17 मार्च तक एयर इंडिया को खरीदने के लिए बोली लगाई जा सकती है.