ईरान में कोरोना वायरस के खौफ से जूझ रहे भारतीयों के रेस्क्यू के लिए सरकार वायुसेना के विमान C-17 ग्लोबमास्टर हिंडन एयबेस से तेहरान के लिए रवाना हो चुका है. एयरफोर्स के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने रात 8 बजकर 30 मिनट पर उड़ान भरी. ईरान से भारतीयों को एयरलिफ्ट कर देश वापस लाया जाएगा. इस प्लेन में सभी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. भारतीय नागरिकों को हिंडन में ही रखा जाएगा, जहां उन्हें अलग रखने के लिए भी व्यवस्था कर दी गई है.
ईरान में कोरोना वायरस काफी खतरनाक हो गया है. कोरोना वायरस से सोमवार को ही 43 मौतें दर्ज की गई हैं. इसके साथ ही वहां कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 237 हो गई है.
ईरान में फंसे भारतीय आएंगे स्वेदश
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वायुसेना का मालवाहक विमान C-17 ग्लोबमास्टर तेहरान में फंसे भारतीय छात्रों और सैलानियों को वापस लेकर आएगा. बता दें कि ईरान कोम शहर में लगभग 40 भारतीय फंसे हैं. इन लोगों ने अपील की है कि उन्हें तत्काल वहां से बाहर निकाला जाए. कोम शहर ईरान के उन चुनिंदा शहरों में है जहां कोरोना वायरस का कहर सबसे ज्यादा है.
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बता दें कि चीन के वुहान में कोरोना वायरस से पीड़ित भारतीयों की रेस्क्यू के लिए भी भारत सरकार ने एयरफोर्स के विमान C-17 ग्लोबमास्टर को चीन भेजा था.
शरद पवार ने की थी रेस्क्यू की मांग
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने भी भारत सरकार से ईरान में फंसे भारतीयों का रेस्क्यू करने की मांग की थी. शरद पवार ने ट्वीट किया था, 'कोविड -19 के गंभीर मुद्दे को देखते हुए मैंने ईरान के कोम शहर में फंसे 40 से अधिक भारतीयों के संबंध में अपनी चिंता विदेश मंत्री एस. जयशंकर के सामने रखी है. वहां भारतीय मुसीबत में हैं और उन्हें मेडिकल मदद और आम सहायता की तत्काल आवश्यकता है.'
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सोमवार को 43 मौतें
ईरान में सोमवार को कोरोना वायरस से पीड़ित 43 लोगों की मौत हो गई है. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के सलाहकार ने एक ट्वीट में कहा कि पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से पीड़ित 595 लोगों की पहचान की गई है. इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या 7167 हो गई है. ईरान में अब तक कोरोना के 2394 मरीज ठीक हो चुके हैं.