दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से लौटे नेपाल के एक युवक में कोरोना संक्रमण पाए जाने के बाद बिहार के मोतिहारी में चिंता बढ़ गई है. ये चिंता स्वाभाविक भी है क्योंकि ये युवक दिल्ली से जिस ट्रक में बैठकर मोतिहारी तक आया था, उसमें मोतिहारी के कई और मौलवी भी यात्रा कर रहे थे. मोतिहारी के बाद युवक पैदल नेपाल के रौतहट पहुंचा, जहां जांच में वो कोरोना पॉजिटिव पाया गया.
मोतिहारी पूर्वी चंपारण जिले का मुख्यालय है और यहां से नेपाल की सीमाएं लगती हैं. कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जब युवक की ट्रैवल हिस्ट्री का पता लगाया गया तो उसने दिल्ली से ट्रक से मोतिहारी आने की बात बताई. नेपाल के गौर के मेयर अजय गुप्ता ने बताया कि दिल्ली से दवाई के ट्रक में अन्य मौलवियों और जमातियों के साथ वो मोतिहारी आया था. उसके बाद अपने गांव के तीन अन्य शख्स के साथ वह पैदल ही मोतिहारी से गौर आया.
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अब चिंता मोतिहारी में हो रही है कि बाकी के जो मौलवी उतरे उनका कुछ पता नहीं चल रहा है. साथ ही वह युवक जिन तीन लोगों के साथ गौर गया है, उसका रूट मोतिहारी से करीब 60 किलोमीटर दूर सीतामढ़ी जिले से होकर है. ऐसे में वे कहां-कहां रुके और किससे-किससे मिले इसको लेकर भी तफ्तीश जरूरी है.
युवक के पड़ोसियों ने नेपाल के स्थानीय प्रशासन को खबर कर दी थी, जिसके बाद दिल्ली से आए चारों शख्स को क्वारनटीन में रखा गया था. 29 मार्च को नेपाल प्रवेश करने वाले इन चारों को 30 मार्च से ही क्वारनटीन में रखा गया था. मेयर ने बताया कि उसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं देखा गया था, लेकिन टेस्ट होने पर रिजल्ट पॉजिटिव आया है.
इधर, एक और मामले में दो जमातियों को नेपाल पुलिस ने पकड़ा है. ये पुलिस से छिपकर नेपाल के नवलपरासी जिले के पश्चिमी सुस्ता की सीमा में प्रवेश कर रहे थे. इन दोनों की पहचान सुनसरी निवासी 65 वर्षीय अब्दुल मियां और सलामत मियां के रूप में हुई है. फिलहाल दोनों क्वारनटीन में हैं.