देश में सोमवार (1 मार्च) से कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू हो रहा है. वैक्सीनेशन में 60 साल से ऊपर की उम्र वालों के साथ-साथ 45 से 60 साल तक की उम्र के उन लोगों को भी वैक्सीन की डोज दी जाएगी, जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं. लोग सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कोरोना वैक्सीन लगवा सकेंगे. ऐसे में वैक्सीनेशन से जुड़े तमाम सवाल आपके मन में होंगे. इस खबर में जानिए कोरोना वैक्सीनेशन से जुड़े हर सवाल का जवाब.
कोरोना वैक्सीन के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
सबसे पहले आपको बता दें कि 1 मार्च से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन सबसे अहम है. रजिस्ट्रेशन सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए कोविन ऐप, आरोग्य सेतु ऐप की मदद ली जा सकती है. या फिर cowin.gov.in पर भी लॉगइन कर सकते हैं. यहां आपको अपना मोबाइल नंबर डालना होगा. मोबाइल पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा. इसकी मदद से अकाउंट क्रिएट करें.
फिर जिसका रजिस्ट्रेशन करवाना है उसका नाम, उम्र, जेंडर भरें. पहचान के लिए कोई प्रूफ लगाएं. अगर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रहे शख्स की उम्र 45 साल से ऊपर और उसे कोई अन्य बीमारी है, तो यह बताना होगा. इसके लिए comorbidity प्रूफ लगाना पड़ेगा. किस दिन और कहां वैक्सीन लगवाना है, उसके लिए आप खुद से तारीख और वैक्सीनेशन सेंटर चुन लें. यहां आपको बता दें कि एक मोबाइल नंबर से चार लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. ज्यादा जानकारी के लिए 1507 पर कॉल की जा सकती है.
तीन तरीकों से किया जा सकता है रजिस्ट्रेशन
वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन तीन तरीकों से किया जा सकता है. पहला तरीका सेल्फ रजिस्ट्रेशन का है. आप Co-WIN 2.0 ऐप डाउनलोड करके या आरोग्य सेतु ऐप के जरिए एक मार्च (सोमवार) से रजिस्टर कर सकते हैं. ऐप में सरकारी और प्राइवेट कोविड वैक्सीन सेंटर्स नजर आएंगे. इसमें आपको शेड्यूल और अन्य अहम जानकारियां नजर आएंगी.
इसके अलावा ऑन साइट रजिस्ट्रेशन यानी आप वैक्सीन सेंटर पर जाकर खुद को रजिस्टर कर सकते हैं. यह सुविधा उन लोगों के लिए है, जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है. एडवांस में रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके लोगों को भी यह सुविधा मिलेगी.
इसके अलावा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी वैक्सीनेशन के लिए कुछ लोगों का रजिस्ट्रेशन करेंगे. इनमें वो लोग शामिल होंगे, जिनका चुनाव प्रशासन खुद करेगा. इसमें आशा, एएनएम वर्कर्स, पंचायती राज के प्रतिनिधि, महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स शामिल होंगे.
वैक्सीनेशन के लिए ये कागजात ले जाने होंगे साथ
अगर आप वैक्सीन लगवाने जा रहे हैं तो अपनी आईडी साथ ले जाना ना भूलें. आईडी में आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि ले जा सकते हैं. दरअसल, कोई ऐसा ऑफिशियल आईडी प्रूफ आपको दिखाना होगा जिस पर आपकी फोटो के साथ जन्मतिथि भी लिखी हो. इसके अलावा 45 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र के लोगों को वैक्सीन की डोज लेने के लिए गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के साक्ष्य भी दिखाने होंगे. यह रजिस्टर्ड डॉक्टर्स की तरफ से प्रमाणित होना चाहिए.
वैक्सीन की पहली डोज और दूसरी डोज (अंतिम खुराक) मिलने के बाद लाभार्थियों के लिए एक QR कोड जेनरेट किया जाएगा. इसे SMS लिंक के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है. कोरोना वैक्सीन की डोज मिलने का सर्टिफिकेट वैक्सीनेशन सेंटर से भी लिया जा सकता है.
वैक्सीन के लिए कितने पैसे लगेंगे?
बता दें कि सरकारी वैक्सीन सेंटर्स पर वैक्सीन की डोज मुफ्त में मिलेगी. हालांकि, प्राइवेट अस्पतालों पर वैक्सीन के लिए दाम चुकाने होंगे. वैक्सीन के एक डोज के लिए 250 रुपये लिए जाएंगे. जिसमें 150 रुपये टीके और 100 रुपये सर्विस चार्ज के तौर पर होंगे. कोरोना वैक्सीन की दो डोज लेनी होती हैं. यानी प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन लगवाने पर 500 रुपये खर्च होंगे. जबकि सरकारी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन मुफ्त में ही दी जाएगी.
कितनी उम्र वालों को लगाई जाएगी वैक्सीन?
जैसा कि हमने बताया कि वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में 60 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी. 45 साल से 60 साल के बीच के लोगों को भी वैक्सीन की डोज दी जाएगी लेकिन इस एज ग्रुप के उन्हीं लोगों को वैक्सीन मिलेगी, जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं. गंभीर बीमारी की लिस्ट भी सरकार की ओर से जारी कर दी गई है. गंभीर बीमारी वालों के लिए मान्यता प्राप्त डॉक्टर का सर्टिफिकेट जरूरी होगा. केंद्र ने इस सार्टिफिकेट का प्रारूप भी जारी कर दिया है.
किन बीमारियों का सबूत दिखाना होगा?
बता दें कि 45 से 59 साल के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए बीमारी का सर्टिफिकेट भी देना होगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 20 बीमारियों की लिस्ट जारी की है, जिसमें डायबिटीज (शुगर), हाइपरटेंशन, ल्यूकेमिया बोन मेरो, किडनी, लिवर और हार्ट से जुड़ी बीमारियां शामिल हैं. इसमें कैंसर से पीड़ित लोग भी शामिल किए गए हैं.
वैक्सीन का दूसरा डोज कब लगेगा?
वैक्सीन का पहला डोज लेने वाले दिन से 28 दिनों के बाद वैक्सीन का दूसरा डोज लगेगा. अगर 28 दिन गुजरने के बाद वैक्सीन लेना भूल जाएं तो इस बारे में हेल्थ एक्सपर्ट ने सलाह दी है, जिसके मुताबिक, वैक्सीन की दूसरी डोज का सबसे अच्छा रिस्पॉन्स 4 हफ्ते के बाद आता है. हालांकि, अगर किसी कारण से कोई वैक्सीन का दूसरा डोज ठीक 4 हफ्ते बाद नहीं लगवा पाए, तो वह अगले दिन लगवा सकते हैं. इस मामले में नेशनल गाइडलाइन को फॉलो करना चाहिए. 4 हफ्ते के बाद ज्यादा से ज्यादा 1 हफ्ते के भीतर दूसरा डोज ले लेना चाहिए.