भारत की राष्ट्रीय राजधानी का जनसंख्या घनत्व अपेक्षाकृत अधिक होने के बावजूद दुनिया के अन्य शहरों की तुलना में यहां पर अपराध कम होता है. लेकिन यहां पर आय में असमानता और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति बेहद चिंतनीय है. यह बात डॉयच्च बैंक के एक अध्ययन में सामने आई है. दिल्ली: हर रोज महिलाओं के खिलाफ अपराध के 40 केस
इस रिपोर्ट को 13वें शहरी युग सम्मेलन में जारी किया गया. इस अध्ययन में दिल्ली की शहरी गतिशीलता की लंदन, बोगोटा, लागोस, टोक्यो, न्यूयॉर्क, इस्तानबुल और बर्लिन जैसे शहरों से तुलना की गई, इसका उद्देश्य भारतीय राजधानी में शहरी शासन के भविष्य को देखना था.
दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन डॉयच्च बैंक और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स से संबद्ध एक संस्था और शहरी मामले के राष्ट्रीय संस्थान के सहयोग से कराया गया. इस कार्यक्रम में पांच महाद्वीपों के 10 देशों के 22 शहरों से 60 विशेषज्ञों ने शिरकत की.
IANS से इनपुट