तमिलनाडु के धर्मपुरी में एक दलित नाबालिग बच्चे को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है. लड़के की उम्र 14 साल है जबकि उसे प्रताड़ित करने का आरोप 46 साल के एक सवर्ण पर लगा है.
यह घटना बुधवार की बताई जा रही है. आरोपी का नाम के. राजशेखरन है जिसके खेत में नाबालिग बच्चे ने टॉयलेट कर दिया. इस पर नाराज राजशेखरन ने बच्चे को पकड़ लिया और उसने हाथ से टॉयलेट उठाकर खेत से बाहर फेंकने को कहा. बच्चे ने अपने आरोप में कहा है, 'शाम 5 बजे की बात है जब मैं वहां टॉयलेट के लिए गया था. राजशेखरन ने मुझे देख लिया और मेरे ऊपर चिल्लाना शुरू कर दिया. उसने मेरी जाति का नाम लेकर भला बुरा कहा और पीटना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं, राजशेखरन ने मुझे हाथ से टॉयलेट उठाने को कहा.'
बच्चे के गांव के ही एक व्यक्ति वीरभद्रन ने उसे रोते हुआ सुना और बचाने के लिए दौड़े-दौड़े घटनास्थल तक आए. वीरभद्रन ने कहा, मैंने बच्चे को रोते हुए सुना, इसलिए इसका पता लगाने के लिए वहां गया. मैं यह देखने के लिए वहां गया कि आखिर हुआ क्या है. मैंने राजशेखरन को पीटने से रोका लेकिन वह नहीं माना. राजशेखरन जातिसूचक अपशब्दों के साथ लगातार चिल्लाए जा रहा था और बच्चे को पीट रहा था. मैं वहां से भागा-भागा आया और उसके घरवालों को सारी बात बताई. लेकिन जबतक घरवाले वहां पहुंचते, राजशेखरन बच्चे से टॉयलेट साफ करा चुका था.
पीड़ित बच्चे के पिता कृष्णमूर्ति घटना के बारे में सुनकर हैरान हो गए और तुरंत पेन्नाग्राम पुलिस थाने में इस बाबत रपट लिखवाई. पुलिस ने आरोपी राजशेखरन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. थाने में एससी/एसटी एक्ट (दलित कानून) के तहत मामला दर्ज किया गया. राजशेखरन के खिलाफ नाबालिग से जबरन टॉयलेट साफ कराने के आरोप में भी धारा लगाई गई है. लड़के को प्रताड़ित करने के इल्जाम में भी धारा जोड़ी गई है.
राजशेखरन के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 के तहत केस दर्ज किया गया है. इसमें जानबूझ कर बच्चे को नुकसान पहुंचाने का आरोप है. किसी अनुसूचित जाति के लड़के से जबरन हाथ से टॉयलेट साफ कराने को लेकर भी राजशेखरन के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(जे) में केस दर्ज किया गया है. कृष्णमूर्ति ने कहा, हम चाहते हैं कि सरकार इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे और किसी भी जाति के खिलाफ घृणित हरकतों पर रोक सुनिश्चित कराए.