बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के वकील ने अपनी दलीलों में नया मोड़ दे दिया है. वकील ने निचली अदालत से दावा किया कि साल 2002 के हिट एंड रन मामले के पीड़ितों को गंभीर चोटें इस हादसे में नहीं, बल्कि उस समय लगीं जब क्रेन से उठाए जाने पर दुर्घटनाग्रस्त कार उनके ऊपर गिर पड़ी.
अभियोजन पक्ष का कहना है कि सलमान खान ने 28 सितंबर, 2002 को उपनगर बांद्रा की एक बेकरी में टोयोटा लैंड क्रूजर कार घुसा दी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए.
बचाव पक्ष के वकील श्रीकांत शिवाडे ने सेशन जज डी. डब्ल्यू. देशपांडे के सामने अपनी अंतिम दलीलों में कहा कि ऐसी परिस्थितियां हैं, जिनसे पता लगता है कि पुलिस द्वारा लाई गई क्रेन की मदद से कार उठाने के दौरान कार इसके नीचे आए लोगों पर गिर पड़ी. उन्होंने गवाहों के बयान पढ़कर दलील दी कि पीड़ित बेकरी की सीढ़ियों पर चादर बिछाकर सो रहे थे और बिस्तर की चादर और तकियों के कवर पर खून का कोई धब्बा नहीं था और न ही सीढ़ियों पर खून का कोई निशान था.
उन्होंने कहा कि पीड़ितों का कहना है कि इस हादसे की वजह से वह अपनी जगह से नीचे आ गए. अगर कार ने उन्हें कुचला होता, तो वे उसी जगह पर होते, लेकिन उनका कहना है कि उनकी जगह बदल गई.
शिवाडे ने कहा, ‘यह बताता है कि सीढ़ियों पर खून के धब्बे या टायरों के निशान क्यों नहीं थे. जब कार क्रेन की मदद से उठाई जा रही थी, तो यह उन पर गिर गई. बंपर को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा था, क्योंकि कार उठाने के बाद यह निकल गया और इसे हटा दिया गया.’ वकील ने मोहम्मद अब्दुल्ला और नरूला का हवाला दिया जो कार में फंस गये थे.
वकील ने उसके बयानों का हवाला देते हुए कहा, ‘कार में फंसने के कारण हादसे के बाद हमने पाया कि हमारी जगह थोड़ी बदल गई. जब तक कार उठाई गई, हम दोनों मदद के लिए चीख रहे थे.’ उन्होंने कहा कि अगर चोटों का कारण दुर्घटना होती, तो क्या वे मदद के लिए पुकार लगाने की स्थिति में होते. दलीलें शनिवार को भी जारी रहेंगी.
इनपुट: भाषा