पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बुधवार को कहा कि उन्होंने 16 दिसंबर के गैंगरेप मामले पर विवादास्पद डॉक्युमेंट्री बनाने के लिये तिहाड़ जेल में बंद एक आरोपी की शूटिंग करने की इजाजत नहीं दी थी.
उनके कार्यकाल में गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए इजाजत दिए जाने संबन्धी रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर शिंदे ने साफ कहा, 'मैंने ऐसी कोई अनुमति नहीं दी थी. मेरे पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं आया था. मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है.'
उन्होंने तल्ख लहजे में पलट कर कहा, 'गृह मंत्री को दोष नहीं दें. गृह मंत्री ने मेरा नाम नहीं लिया है. आप मेरा नाम ले रहे हैं. यह बहुत गलत है.'
शिन्दे ने कहा कि उन्होंने संसद की कार्यवाही को देखा है जहां गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका कोई जिक्र नहीं किया है. उन्होंने कहा, मैंने राज्यसभा में हुई बातचीत देखी है. राजनाथ सिंह ने मेरा नाम नहीं लिया है. यह (अनुमति) किसी और ने दी होगी. मुझे नहीं पता.'
संसद के दोनों सदनों में बयान देते हुए राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि डॉक्युमेंट्री की शूटिंग करने के लिये अनापत्ति प्रमाणपत्र उनके मंत्रालय ने जुलाई 2013 में दिया था. उन्होंने हालांकि शिन्दे का नाम नहीं लिया लेकिन उस समय शिंदे ही गृह मंत्री थे.