केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमल नाथ ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को पाठ न पढ़ाए. कमल नाथ ने कहा कि रेल मंत्री पवन कुमार बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार इस्तीफा नहीं देंगे.
नाथ ने कहा, 'उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं है. क्या नितिन गडकरी ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया? ऐसे मामलों के ऊपर भाजपा को हमें पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए. हमारी सरकार जानती है कि क्या किया जाना चाहिए और यदि कोई औपचारिक आरोप सामने आएगा तो हम निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे.' कानून मंत्री पर कोयला ब्लॉक आवंटन पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की रिपोर्ट में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा है.
पवन बंसल पर चल रहे विवाद को लेकर केंद्रीय संसदीय मंत्री ने कहा, 'जहां तक रेल मंत्री की बात है, तो यदि जांच में कुछ सामने आएगा, तो कांग्रेस कदम उठाएगी.'
बंसल के भतीजे विजय सिंगला को पिछले सप्ताह सीबीआई ने कथित तौर पर 90 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था. बंसल ने इसके बाद एक बयान जारी कर इस घटना से खुद को अलग बताया था.
खाद्य विधेयक पर कांग्रेसी नेता मानते हैं कि आजादी के बाद से अब तक खाद्य विधेयक एक अत्यधिक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक विधेयक है. भाजपा इसे बाधित करना चाहती है, क्योंकि वह सोचती है कि कांग्रेस और सरकार को इसका श्रेय मिल जाएगा.
गौरतलब है कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने सोमवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक पर चर्चा कराने और इसे पारित कराने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के विरोध व हंगामा के कारण ऐसा नहीं हो सका.