रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) का एक अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) यानी मानवरहित विमान मंगलवार सुबह कर्नाटक में हादसे का शिकार हो गया. चित्रदुर्ग जिले के जोडीचिकेनहल्ली में सुबह 6 बजे यह दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. इस UAV का नाम है रुस्तम-2. इसे तापस बीएच-201 भी कहते हैं. यह आज परीक्षण उड़ान पर था, जब यह चैलकरे एयरोनॉटिकल टेस्ट रेंज में हादसे का शिकार हुआ. इसी रेंज में मानव रहित विमानों का परीक्षण किया जाता है. अनमैन्ड एरियल व्हीकल यानी एक प्रकार का ड्रोन होता है. आतंकियों पर हमला करने के लिए अमेरिका ऐसे ड्रोन का उपयोग करता रहता है.
रुस्तम-2 की आज की परीक्षण उड़ान कोई पहली उड़ान नहीं है. इससे पहले भी कई बार यह सफल परीक्षण उड़ान कर चुका है. इसने पिछले साल 25 फरवरी को और 17 फरवरी 2016 को भी सफल उड़ान भरी थी. आपको यह बता दें, कि रुस्तम-2 अमेरिकी ड्रोन प्रिडेटर जैसा ही है. यह निगरानी के साथ-साथ हमला करने में भी सक्षम है.
रुस्तम-2 क्यों हैं दमदार
रुस्तम-2 के पंख 21 मीटर लंबे हैं. वजन 1.8 टन है. यह 225 किमी प्रति घंटा की गति है. 350 किलो वजन के हथियारों के साथ एक बार में 24 घंटे तक उड़ान भर सकता है. इसमें सिंथेटिक अपर्चर रडार, मेरीटाइम पेट्रोल रडार और टक्कर रोधी प्रणाली लगी हुई है. यह 26 हजार फीट से लेकर 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है. यह एक बार में 1000 किमी की हवाई यात्रा कर सकता है. करीब 250 किमी तक की तस्वीरें ले सकता है. यह बिना आवाज किए आसमान में दुश्मन की निगरानी कर सकता है. कहते हैं कि इसका नाम एविएशन वैज्ञानिक रुस्तम दमानिया के नाम पर रखा गया है.
रुस्तम-2 क्यों खास है हमारी सेनाओं के लिए