दिल्ली यूनिवर्सिटी और यूजीसी के बीच एफवाईयूपी को लेकर जारी गतिरोध खत्म होने के आसार हैं. डीयू के पीआरओ मलय नीरव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एफवाईयूपी में कुछ बदलाव करके अंडरग्रेजुएट ऑनर्स कोर्स को तीन साल का करने पर विचार हो रहा है. हमने यूजीसी द्वारा बुधवार रात भेजी गई चिट्ठी के जवाब में अपना प्रस्ताव यूजीसी को भेज दिया है. इस बाबत शाम को होने वाली बैठक टल गई है.
नीरव ने कहा, 'वीसी को कल (बुधवार) यूजीसी की चिट्ठी मिली. हमारा मानना है कि पुराने कोर्स में पूरक व्यवस्था जोड़ी जा सकती है. बदलाव को लेकर शिक्षाविदों से सुझाव लिए जा सकते हैं. एफवाईयूपी में थोड़ा बहुत बदलाव करके ऑनर्स कोर्स को तीन साल का किया जा सकता है. अगर यूजीसी ये प्रस्ताव मानती है तो दाखिले की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है. छात्रों को फिर से आवेदन या रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी. हमारा मानना है कि बीटेक कोर्स चार साल का ही रहने दिया जाए.' नीरव ने कहा, 'अब हमें यूजीसी के जवाब का इंतजार है. जवाब के बाद कदम उठाया जाएगा.'
आपको बता दें कि यूजीसी की तरफ से बुधवार रात डीयू को सख्त आदेश आया कि कॉलेज गुरुवार से दाखिला प्रक्रिया शुरू करें. खबर थी कि डीयू के 64 में से 57 कॉलेज तीन साल के ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिले के लिए तैयार हैं. लेकिन जब कॉलेजों के प्रिंसिपल से इस बारे में उनका रुख पूछा गया तो पता चला कि वो खुद ही कंफ्यूज हैं कि किस कोर्स के लिए एडमिशन लिया जाना है.
डीयू में दाखिला प्रक्रिया 24 जून से शुरू हो जानी थी. स्टूडेंट को एडमिशन मिलना शुरू भी हो गया होता, लेकिन बीच में एफवाईयूपी की फांस ऐसी अटकी की दाखिला प्रक्रिया ही फंस गई.
पीसी के दौरान हंगामा
पीसी के दौरान नीरव मीडिया के सवालों पर भड़क गए. उन्होंने मीडिया को हद में रहने के लिए कहा.