केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को करोड़ों रुपयों के शारदा चिटफंड घोटाले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मतंग सिंह को मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार किया है. मतंग पी.वी. नरसिम्हा राव (1991-96) की सरकार में संसदीय कार्यराज्य मंत्री थे. सीबीआई ने उन्हें कई घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया.
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, 'शारदा मामले में मतंग सिंह को गिरफ्तार किया गया है. उन पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी करने के आरोप लगाए गए हैं.' शारदा समूह के प्रमुख और कथित घोटाले के सरगना सुदीप्त सेन ने सीबीआई को एक पत्र लिखकर सिह पर उनके साथ 28 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था. उन्होंने पत्र में लिखा कि मतंग ने उनसे एक पूर्व सांसद के मीडिया हाउस में 50 फीसदी का हिस्सेदार बनाने की बात कही थी.
सुदीप्त ने मतंग की पत्नी मनोरमा पर भी आरोप लगाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मनोरमा ने अपने स्वामित्व वाले एक टीवी चैनल में कुछ हिस्सेदारी के बदले में 25 करोड़ रुपये दिलाने की बात कही थी पर बाद में धोखा दे दिया. सीबीआई ने इससे पहले मंतग की पत्नी मनोरमा से पूछताछ की. मतंग की संपत्ति कुर्क करने के अलावा जांच एजेंसी ने उनके दफ्तरों और घरों पर भी छापेमारी की.
प्रवर्तन निदेशालय ने शारदा घोटाले और सुदीप्त सेन से मतंग के कथित संबंध के मामले में उनसे पूछताछ की. प्रवर्तन निदेशालय भी मामले की जांच कर रहा है. पूर्व कांग्रेस सांसद को असम से गिरफ्तार किया गया है. इससे ठीक एक दिन पहले सीबीआई ने पूर्व रेलमंत्री मुकुल सिन्हा से भी पूछताछ की थी.
अप्रैल 2013 में प्रकाश में आए करोड़ों रुपये के इस घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने कई प्रभावशाली लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें तृणमूल के राज्यसभा सांसद सृंजय बोस, पूर्व आईपीएस अधिकारी रजत मजूमदार, पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री मदन मित्रा और असम के गायक सदानंद गोगोई शामिल हैं.
-इनपुट IANS से