बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को आज तक के प्रोग्राम 'खास मुलाकात' में कहा कि दादरी के बिसहड़ा गांव में गोमांस रखने की अफवाहों को लेकर एक मुस्लिम व्यक्ति की हत्या सरासर गलत है. उन्होंने कहा कि गुनाहगारों को सजा दी जानी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि दादरी में जो कुछ भी हुआ वह कानून व्यवस्था की विफलता है. प्रदेश सरकार वहां की स्थिति पर नियंत्रण नहीं कर पाई. पुलिस और प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रही है. बिसहड़ा गांव में बीजेपी नेताओं के दौरे को लेकर सवाल किया गया तो अमित शाह ने कहा, ‘दादरी पहले कौन गया? राहुल गांधी पहले गए. उनके बाद असदुद्दीन ओवैसी गए. फिर अरविंद केजरीवाल गए. बीजेपी की ओर से महेश शर्मा गए क्योंकि वह वहां के सांसद हैं, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी थी.’
हालांकि जब बीजेपी अध्यक्ष से विधायक संगीत सोम को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ गलत हुआ. विधायक संगीत सोम को वहां नहीं जाना चाहिए.
कलबुर्गी की हत्या को भी बताया यूपी सरकार की विफलता
हाल ही में लेखक कलबुर्गी के मर्डर के विरोध में तमाम साहित्यकारों ने अपने पुरस्कार लौटा दिए, इस सवाल पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कलबुर्गी की हत्या जहां हुई उसके लिए वहां की सरकार जिम्मेदार है. केंद्र सरकार पर आरोप लगाया ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, 'केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार या बीजेपी को ऐसे मुद्दे में नहीं घसीटना चाहिए क्योंकि यह कानून व्यवस्था का विषय है जो राज्य सरकार की जिम्मेदारी है.'
शिवसेना के कामों से झाड़ा पल्ला
मुंबई में पूर्व बीजेपी नेता सुधींद्र कुलकर्णी के चेहरे पर शिवसेना की ओर से कालिख पोते जाने पर उन्होंने कहा कि बीजेपी ऐसे किसी भी काम में शामिल नहीं है. शिवसेना का पाकिस्तान को लेकर हमेशा से एक स्टैंड रहा है, बीजेपी ऐसी घटनाओं का बिल्कुल समर्थन नहीं करती है.
मोहन भागवत के बयान पर दी सफाई
आरक्षण की नीति पर पुनर्विचार किए जाने के संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर टिप्पणी करते हुए अमित शाह ने कहा कि भागवत के बयान को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है. जो लोग इस मुद्दे को भुना रहे हैं, उन्हें इसका फायदा बिल्कुल नहीं मिलेगा. बिहार की जरूरतें कुछ और हैं, आरक्षण नहीं.