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EXCLUSIVE: बॉर्डर के पास दिखा आतंकी हाफिज सईद, IB ने BSF को किया अलर्ट

क्या लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा का संस्थापक पाकिस्तान का आतंकी हाफिज सईद हिन्दुस्तान में फिर खून खराबे की ताक में है. इस बार हिन्दुस्तान पाकिस्तान की सीमा के करीब हाफिज सईद की तस्वीरें भी आ गई हैं. आज तक के पास ये एक्सक्लूसिव तस्वीरें हैं.

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भारत-पाक बॉर्डर के पास दिखा हाफिज सईद
भारत-पाक बॉर्डर के पास दिखा हाफिज सईद

क्या लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा का संस्थापक पाकिस्तान का आतंकी हाफिज सईद हिन्दुस्तान में फिर खून खराबे की ताक में है. इस बार हिन्दुस्तान पाकिस्तान की सीमा के करीब हाफिज सईद की तस्वीरें भी आ गई हैं. आज तक के पास ये एक्सक्लूसिव तस्वीरें हैं.

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जो तस्वीरें आई हैं वो गुजरात के कच्छ में इन्टरनेशनल बॉर्डर के करीब एक गांव की है. जिस मीठी गांव में आतंकी हाफिज सईद देखा गया है वो इंटरनेशनल बॉर्डर से सिर्फ 40 किलोमीटर दूर है. हाल ही में जैसलमेर के करीब पाकिस्तानी सीमा के पास भी हाफिज सईद देखा गया था. हालांकि ये तस्वीरें हाफिज के जैसलमेर आने से पहले की हैं लेकिन सीमावर्ती इलाकों में हाफिज की मौजूदगी चिंताएं बढ़ाने वाली हैं.

सूत्रों की माने तो हाफिज सईद कच्छ के करीब मीठी गांव मे 21 अप्रैल को आया था और रात को गांव में ही रुका. हाफिज सईद 22 अप्रैल को वापस लौटा.

हाफिज सईद की गतिविधि के बाद खुफिया विभाग ने बीएसएफ को अलर्ट जारी कर दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह आतंकी सिंध में ट्रेनिंग कैंप लगाने आया था. स्थानीय लोगों को बरगलाने की कोशिश हो रही है ताकि वह इन कैंपों का हिस्सा बनें. इस आतंकी की नजर पाकिस्तानी हिंदुओं पर भी है. उन्हें भी बरगलाया जा रहा है.

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आपको बता दें कि हाफिज सईद का नाम दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादियों में शुमार होता है. वह 26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड भी है. उसकी गिरफ्तारी पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर (करीब 60 करोड़ रुपये) का इनाम रखा हुआ है. पर वो छुपता नहीं है. बल्कि पाकिस्तान में खुलेआम घूमता रहता है. इतना ही नहीं वो जब-तब भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर भी घूमता दिखाई दे जाता है. पर जब-जब वो बॉर्डर पर आता है कोई ना कोई बुरी खबर जरूर आती है.

हाफिज साईद का नापाक काम
हाफिज मोहम्मद सईद का संगठन जमात-उद-दावा पाकिस्तान में आतंकवाद को पनाह देने वाला सबसे बड़ा संगठन है. जमात ने अपने मजहबी चेहरे के पीछे असल में दहशतगर्दी का पूरा नेटवर्क खड़ा कर रखा है. लाहौर से 45 किलोमीटर दूर मुरीद में जमात का हेडक्वार्टर मरकज दावा वल-इरशाद अपने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़े पैमाने पर नौजवानों की भर्ती करता है और उन्हें आतंक की ट्रेनिंग देता है. आतंक के नेटवर्क की फंडिंग के लिए जमात ने खाड़ी के मुल्कों में भी अपनी गहरी पैठ बना रखी है. लेकिन जमात की असली ताकत है पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी फौज की तरफ से मिलने वाली मदद.

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