भारत में जितने घरों में टीवी है, लोग हसीबा अमीन का चेहरा पहचान गए हैं. कांग्रेस के 'कट्टर सोच नहीं, युवा जोश' वाले विज्ञापन में वह खुद को राहुल की टीम की एक आम कार्यकर्ता बताती नजर आ रही हैं. 'अंदाज क्यों हो पुराना' गाने की याद दिलाते हुए वह कांग्रेस को चुनने की अपील करती हैं.
विज्ञापन के बाद देश की दिलचस्पी इस युवा महिला कार्यकर्ता में बढ़ी. अलग-अलग राजनीतिक रुझान वाले लोगों ने ट्विटर पर उन्हें खोजा और कई तरह के सवाल पूछे. एक संवादपसंद शख्स की तरह हसीबा ने उनके जवाब भी दिए. लेकिन लोकप्रियता की अपनी कीमत होती है. दिक्कत तब हो गई जब इन सवालों ने व्यक्तिगत हमलों का छिछला रूप अख्तियार कर लिया.
हसीबा ने ट्विटर प्रोफाइल पर अपने परिचय में लिखा है, 'प्राउड इंडियन, प्राउड मुस्लिम, शांतिप्रिय, लेखक बनने की इच्छा रखने वाली, कविता प्रेमी, प्रेम प्रेमी और गोवा एनएसयूआई की अध्यक्ष.' कांग्रेस के युवा टीवी चेहरे हसीबा अमीन को ट्विटर पर मौजूद BJP और AAP समर्थकों ने निशाने पर लेना शुरू कर दिया. उनके खिलाफ एक किस्म से कैंपेन ही चला दिया गया.
@arpan_majumdar All false fabricated stories. None of the links come from any authentic source.
— Hasiba B. Amin (@HasibaAmin) January 30, 2014
लोगों ने आरोप लगाए कि हसीबा किसी 300 करोड़ के पीडब्ल्यूडी घोटाले में शामिल थीं और इसके चलते जेल भी जा चुकी हैं, जबकि टीवी ऐड में उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस का आम चेहरा बनाकर पेश किया गया है. हसीबा पर यह आरोप भी लगा कि फरवरी 2012 में गोवा एनएसयूआई की अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने अपने उपाध्यक्ष सुनील कावथंकर को निकाले जाने की मांग की, जबकि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे थे. सुनील ने आरोप लगाया था कि राज्य में सक्रिय कुछ ड्रग माफिया के सिर पर कांग्रेस मंत्रियों का हाथ है.
Disgusted with the campaign against me. Not a bit of it is true. Think of the girls in ur family before u falsely spoil the image of a girl!
— Hasiba B. Amin (@HasibaAmin) January 30, 2014
केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के साथ हसीबा की तस्वीरें ट्विटर पर खूब साझा की गईं. उन पर तरह-तरह के कटाक्ष और व्यक्तिगत टिप्पणियां की गईं. हसीबा ने खुद पर लगे सभी आरोपों को गलत बताया और उन पर निजी हमले करने वालों की निंदा की. उन्होंने कांग्रेस समर्थकों के वे ट्वीट भी साझा किए, जिसमें लिखा गया है कि मोदी ब्रिगेड कांग्रेस के नए कैंपेन से डर गई है और व्यक्तिगत हमलों पर उतर आई है.