फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और देश में डिजिटल विस्तार पर चर्चा की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल नेटवर्किंग कंपनी फेसबुक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मार्क जकरबर्ग के साथ आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग के उपायों तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा की.
फेसबुक के सह-संस्थापक के साथ जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, उसमें स्वच्छ भारत मिशन भी शामिल है. प्रधानमंत्री से मिलने आए जकरबर्ग ने स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के साथ काम करने में अपनी रुचि जताई. आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि कई आतंकवादी संगठन सदस्यों की भर्ती के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं. मोदी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है और हमें सोशल मीडिया की इस भूमिका पर सोचने की जरूरत है कि क्या वह आतंकवाद को रोक सकता है.’
फेसबुक ‘क्लीन इंडिया मोबाइल एप’ के विकास में मदद करेगी. इसे जल्दी ही पेश किया जाएगा. बयान के अनुसार, ‘इससे स्वच्छ भारत मिशन को गति मिलेगी.’
बयान के अनुसार प्रधानमंत्री और जकरबर्ग ने मानवता की सेवा में बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ने में एक मंच के रूप में फेसबुक के नए उपयोग से संबद्ध विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. दोनों ने ‘डिजिटल इंडिया’ पहल पर चर्चा की और प्रधानमंत्री ने जकरबर्ग से डिजिटल इंडिया के कुछ डोमेन की पहचान करने को कहा जहां फेसबुक जुड़ सकता है.
मोदी ने बताया कि कैसे उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते लापता बच्चे का पता लगाने जैसे विभिन्न अभियानों में सोशल मीडिया का उपयोग किया और कैसे इसका बढ़िया परिणाम मिला. प्रधानमंत्री ने जकरबर्ग से भारत की समृद्ध पर्यटन संभावनाओं को फेसबुक के जरिये बढ़ावा देने की अपील की. उन्होंने फेसबुक से इस पर गौर करने को कहा कि किस प्रकार इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ इंटरनेट साक्षरता बढ़ायी जा सकती है.
इससे पहले, दिन में जकरबर्ग ने दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद से भी मुलाकात की थी. जकरबर्ग अमेरिका के ऐसे तीसरे जाने-माने सीईओ हैं, जो पिछले कुछ सप्ताह में भारत की यात्रा पर आए हैं. इससे पहले, अमेजॉन के जेफ बेजोस तथा माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला भारत आए थे.
गौरतलब है कि जकरबर्ग ने कहा था कि वे यह चर्चा करना चाहते हैं कि गांवों को इंटरनेट से जोड़ने में फेसबुक क्या भूमिका निभा सकती है.