हीरों के भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के लंदन में दिखते ही सोशल मीडिया पर उनसे जुड़ी खबरों की बाढ़ आ गई. कई फेसबुक यूजर्स ने पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन से जुड़े एक पोस्ट को शेयर किया जिसमें दावा किया गया है कि राजन ने राहुल गांधी और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को नीरव मोदी के बारे में आगाह किया था, लेकिन राहुल ने राजन को चुप रहने की सलाह दी थी.
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने अपनी पड़ताल में इस दावे को फर्जी पाया.
ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राम के एक रिपोर्टर ने नीरव मोदी को लंदन के वेस्ट एंड स्ट्रीट पर घूमते हुए खोज निकाला था.
कई फेसबुक यूजर जैसे जयराम रामस्वामी , आचार्य संजीव शर्मा , साहिल मित्तल और जयराम तिवारी ने इस पोस्ट को शेयर किया.
इस पोस्ट में रघुराम राजन का एक बयान शेयर किया गया है जिसमें लिखा है, “मैंने राहुल गांधी और पी चिदंबरम को नीरव मोदी की धोखाधड़ियों के बारे में आगाह किया था, लेकिन उन्होंने मुझे चुप रहने को विवश किया और मई 2014 तक लोन अप्रूव करते रहे. अब मुझे क्यों पीएनबी घोटाले के लिए दोषी ठहराया जा रहा है?”
रिवर्स सर्च और कीवर्ड सर्च के जरिए हमने इस खबर की पुष्टि करने की कोशिश की, लेकिन हमें इस बारे में कोई भरोसेमंद खबर नहीं मिली. खोज के दौरान हमें न्यूज18 का एक लेख मिला, जो 13 मार्च 2018 को छापा गया. इस लेख में रघुराम राजन,सोशल मीडिया पर उनके फर्जी की आलोचना करते नजर आये. राजन ने कहा “सोशल मीडिया पर मुझे लेकर फर्जी बयानों को चलाने की आदत सी है.”
इस वायरल पोस्ट में स्पेलिंग की गलती भी है और ये पोस्ट पिछले साल भी वायरल हुई थी.
फैक्ट चेक वेबसाइट बूमलाइव ने भी पिछले साल इस झूठी खबर की रिपोर्टिंग की थी.