तीन महीने पहले यूपी में चुनाव जीतकर आने के बाद योगी आदित्यनाथ ने किसानों की कर्ज माफी का चुनावी वादा पूरा किया था. तबसे देश के कई राज्यों में किसानों की कर्ज माफी की मांग तेज हो गई. कर्नाटक, पंजाब के बाद शनिवार को महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने भी किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान किया. फड़णवीस सरकार ने किसानों का डेढ़ लाख तक का कर्ज माफ कर दिया. पिछले दिनों महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर किसान आंदोलन हुए थे. इसके बाद ये फैसला सामने आया है. लेकिन इन चारों राज्यों में कर्ज माफी का आंकड़ा अलग-अलग है. आइए समझते हैं इस समीकरण को.
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के 1.5 लाख रुपये तक के कृषि कर्ज की माफी की घोषणा की है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महाराष्ट्र में 2012 से सूखे की स्थिति है और उसके बाद से कई किसान कर्ज नहीं चुका पाए हैं. उन्होंने कहा, हमने सभी पार्टियों के प्रमुखों से चर्चा करने के बाद कर्जमाफी करने का निर्णय लिया है. इस निर्णय से राज्य सरकार के खजाने पर 34,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.कर्ज माफी मे चौखा राज्य बन जाएगा.
यूपी के 92.5 फीसदी यानी 86 लघु और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया गया है. हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि इससे 2.15 करोड़ किसानों को लाभ होगा, लेकिन जारी प्रेस नोट में 31 मार्च 2016 तक 86 लाख किसानों को इस कर्ज माफी से होने वाले लाभ के बारे में कहा गया था.
चुनाव के बाद विधानसभा में अमरिंदर सिंह ने पंजाब के किसानो सिर्फ दो लाख रुपए तक का कर्ज मफी का ऐलान कर चुकी है.
कर्नाटक सरकार मे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रति किसानों को 50000 रुपये तक का कर्ज माफी में छूट देने का ऐलान किया था. इसके बाद सरकारी खजाने पर 8165 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ा था.