वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बढ़ती महंगाई का ठीकरा कमजोर मॉनसून की आशंका और जमाखोरी पर फोड़ा है. उन्होंने राज्य सरकारों को जमाखोरों से सख्ती से निपटने की अपील भी की है.
सोमवार को उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है. अपने फेसबुक पेज पर जेटली ने लिखा, 'मार्च में महंगाई दर 6.01 फीसदी पर पहुंच गई जबकि पिछले साल यह 4.58 फीसदी थी. मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं, ईंधन और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. सरकार मुद्दे पर नजर बनाए हुए है और बिना रोक टोक के आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है.'
उन्होंने आगे लिखा, 'खाने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी को जमाखोरी और कमजोर मॉनसून की आशंका से भी जोड़ा जा सकता है. राज्य सरकारों को जमाखोरी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए.'
जेटली ने कहा कि सरकार ऐसे कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है जो जीडीपी और विकास दर को बढ़ाए. उन्होंने उम्मीद जताई कि महंगाई दर पर कुछ दिनों में काबू पा लिया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार रुपये की स्थिति पर भी नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा कि रुपये की स्थिति में थोड़ी अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका से आई है.