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पूर्व डिप्लोमेट माधुरी गुप्ता को राहत, दिल्ली HC से मिली जमानत

माधुरी गुप्ता की अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माधुरी को ज़मानत दे दी है. पूर्व डिप्लोमेट माधुरी गुप्ता को पटियाला कोर्ट ने 3 साल की सज़ा सुनाई थी. माधुरी इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में काम कर चुकी हैं.

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पूर्व डिप्लोमेट माधुरी गुप्ता (फाइल फोटो)
पूर्व डिप्लोमेट माधुरी गुप्ता (फाइल फोटो)

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गुप्त सूचना मुहैया कराने के आरोप में दोषी ठहराई गई पूर्व डिप्लोमेट माधुरी गुप्ता को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. गुप्ता ने पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

माधुरी गुप्ता की अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माधुरी को ज़मानत दे दी है. पूर्व डिप्लोमेट माधुरी गुप्ता को पटियाला हाउस कोर्ट ने 3 साल की सज़ा सुनाई थी. माधुरी इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में काम कर चुकी हैं. इस मामले में दिल्ली पुलिस को कोर्ट ने नोटिस जारी करके सितंबर के लिए सुनवाई टाल दी है.

पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज सिद्धार्थ शर्मा की बेंच ने 18 मई को माधुरी गुप्ता को जासूसी और गलत ढंग से सूचना देने के आरोपों के लिए ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट की धारा 3 और 5 के तहत दोषी ठहराया. 22 अप्रैल 2010 को माधुरी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था.

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माधुरी पर पाकिस्तानी अधिकारियों को गुप्त सूचना मुहैया कराने और आईएसआई के दो अधिकारियों मुबशर राजा राणा और जमशेद के संपर्क में रहने का आरोप था. इस मामले में माधुरी 21 महीने की सज़ा पहले ही काट चुकी है. जनवरी 2012 में दिल्ली की अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया था.

भारतीय एजेंसी को जब इस बात की जानकारी मिली कि भारतीय राजनयिक माधुरी गुप्ता खुफिया जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को मुहैया करा रही है तो 2010 में उसे गिरफ्तार कर सस्पेंड कर दिया गया.

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