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जनरल वी. के. सिंह ने की मुशर्रफ के 'घुसपैठ' की तारीफ

भारत-पाक कारगिल युद्ध पर बड़े खुलासे के बाद पूर्व आर्मी चीफ वी.के. सिंह ने अपने बयान से इसे और हवा दे दी है. उन्होंने मुशर्रफ के इस 'घुसपैठ' की तारीफ की है और कहा है कि मुशर्रफ ने एलओसी पार कर अपने साहस का प्रदर्शन किया है.

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भारत-पाक कारगिल युद्ध पर बड़े खुलासे के बाद पूर्व आर्मी चीफ वी.के. सिंह ने अपने बयान से इसे और हवा दे दी है. उन्होंने मुशर्रफ के इस 'घुसपैठ' की तारीफ की है और कहा है कि मुशर्रफ ने एलओसी पार कर अपने साहस का प्रदर्शन किया है.

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वीके सिंह ने एक मिलिट्री कमांडर के तौर पर जनरल मुशर्रफ की भरपूर तारीफ की और कहा कि वह न केवल एलओसी पारकर 11 किमी अंदर आए, बल्कि उन्होंने अपनी फौज के साथ बाकायदा पूरी रात भी गुजारी. यह अलग बात है कि इस मामले में हमारी कमियां सामने आ गई कि आखिर मुशर्रफ एलओसी कैसे पार कर गए.

गौररतलब है कि पाकिस्तान के एक रिटायर्ड कर्नल अशफाक हुसैन ने खुलासा किया है कि कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की सेना ही लड़ी थी. साथ ही मार्च 1999 में युद्ध के दौरान खुद परवेज मुशर्रफ ने एलओसी पार की थी.  उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल परवेज मुशर्रफ की करतूतों से भी परदा हटा दिया है और सबके सामने पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है.

करगिल युद्ध के समय परवेज मुशर्रफ के लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार कर भारतीय सीमा में घुसने पर भारत में तो हंगामा मचा ही हुआ है. पाकिस्‍तान में भी पूर्व आर्मी चीफ की खूब फजीहत हो रही है. मुशर्रफ अपने ही देश में शर्मिदगी का कारण बन गए हैं. इसके चलते पाक में कारगिल मामले की जांच के साथ-साथ मुशर्रफ को सजा देने की मांग भी उठने लगी है.

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इससे पहले कारगिल प्रकरण को लेकर पाकिस्तान के एक सेवानिवृत्त जनरल की ओर से किए गए खुलासों के बाद अब मुख्य विपक्षी दल पीएमएल-एन ने भारत के साथ 1999 में हुए इस संघर्ष की न्यायिक जांच की मांग की है.

पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता चौधरी निसार अली खान ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुशर्रफ के एक निकट सहयोगी की ओर से किए गए खुलासों के मद्देनजर कारगिल प्रकरण की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन करना चाहिए.’

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