संपत्ति विवाद को लेकर पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नाडिस आज दिल्ली हाइकोर्ट में पेश हुए. जार्ज के भाईयों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी पत्नी लैला कबीर को फर्नाडिस को 5 जुलाई को कोर्ट के सामने पेश करने को कहा था. कोर्ट ने कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस को घर बदलने की जरुरत नहीं है. याचिका में कहा गया था कि उनके भाई अल्जाइमर्स से पीडि़त है और लैला जार्ज की ठीक से देखभाल नहीं कर रही है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अदालत यह पता लगाना चाहती है कि जॉर्ज क्या चाहते हैं. इसके लिए कोर्ट ने जार्ज फर्नांडिस को 5 जुलाई को अदालत में लाने को कहा था.
फर्नाडिस अल्जाइमर से पीडित हैं और फर्नाडिस के भाइयों द्वारा उनके संरक्षण की मांग करने पर जज ने कहा कि वे कानूनी दायरे में नहीं जाना चाहते है केवल जार्ज के स्वास्थ्य के बारे में जानना चाहते हैं. कोर्ट ने दोनों पक्षों को कोंकड़ी भाषा जानने वाले वकीलों को नियुक्त करने को भी कहा ताकि जॉर्ज के बयानों का अनुवाद किया जा सके. ज्ञातव्य है कि जॉर्ज अंग्रेजी और कोंकड़ी में ही अपने भाइयों से बात करते हैं.
याचिका में फर्नाडिस भाइयों ने जॉर्ज को उनकी पत्नी के निवास पंचशील पार्क से उनके आधिकारिक निवास 3 कृष्णमेनन मार्ग में शिफ्ट करने की गुहार भी की थी. उधर लैला के वकील ने इस पर विरोध जताते हुए कहा था कि जॉर्ज का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उन्हें शिफ्ट करने की कोई जरूरत नहीं है.
फर्नाडिस भाइयों ने गुरूवार को फिर से ताजा याचिका में मेडिकल बोर्ड की मांग की थी कि उन्हें अपने भाई के सेहत के बारे में जानकारी दी जाए. जॉर्ज के भाइयों का आरोप है कि लैला उन्हें जॉर्ज से नहीं मिलने देती है. उनका आरोप है कि लैला पिछले काफी सालों से जॉर्ज से अलग रह रही थी अब प्रॉपर्टी के लालच में उनके करीब आई है. उधर, लैला ने भी फर्नाडिस के भाइयों पर जॉर्ज प्रॉपर्टी हथियाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.