भाजपा ने शु्क्रवार को सरकार से कहा कि मंहगाई के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराने की सस्ती राजनीति करने की बजाए वह उन्हें रियायती दरों में अनाज उपलब्ध कराके और बफर स्टाक से बड़ी मात्रा में अनाज खुले बाज़ार में पंहुचा कर इसे नियंत्रित करने के ईमानदार उपाय करे.
पार्टी ने कहा कि एक ओर केन्द्र आरोप लगा रहा है कि राज्य सरकारें उन्हें दिए गए गेहूं और चावल को अपने यहां नहीं मंगवा रही है और दूसरी ओर वह ऐसा करने के लिए उन्हें सब्सिडी तक प्रदान नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें मंहगे दाम पर अनाज उठा कर उसे सस्ते दाम कैसे बेच सकती हैं.
भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावेडकर ने कहा, ‘‘मंहगाई पर काबू पाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि पारदर्शी टेंडर प्रणाली के जरिए खाद्यान्नों को यथेष्ट मात्रा में बफर स्टॉक से खुले बाजार में पहुंचा दिया जाए.’’ चीनी के बेतहाशा बढ़ते दामों के लिए सरकार और खासतौर पर कृषि मंत्री शरद पवार को दोषी बताते हुए उन्होंने कहा कि जब मालूम था कि इस साल देश में चीनी का उत्पादन कम होगा तो 48 लाख टन चीनी 12 रुपए प्रति किलो की दर पर क्यों निर्यात करने की अनुमति दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कोई ईमानदार पहल नहीं करने और मंहगाई पर राज्यों के विरूद्ध राजनीति करने से मुद्रास्फीति काबू नहीं हो पा रही है.