राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ(आरएसएस) ने राम मंदिर का अपना पुराना राग छेड़ते हुए कहा है कि सरकार के पास मंदिर बनाने के लिए 2019 तक का वक्त है.
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा, 'सरकार के पास और भी बहुत से काम हैं लेकिन राम मंदिर राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है. हम राम मंदिर निर्माण की मांग के पूरी तरह साथ हैं.' राम मंदिर निर्माण के लिए मैं जान दे सकती हूं: उमा भारती
पत्रकारों ने जब होसबोले से ये पूछा कि केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार आने के बाद राम मंदिर का मुद्दा संघ के एजेंडे से क्यों गायब है, उन्होंने कहा आरएसएस अब इसी मुद्दे पर ध्यान देगी. मंदिर निर्माण का मुद्दा चुनावी घोषणापत्र का भी हिस्सा था. अभी सरकार को कुछ ही दिन हुए हैं, हम फिलहाल सरकार के प्रदर्शन पर ध्यान दे रहे हैं
जानिए हमेशा चर्चा में रहने वाले आरएसएस के बारे मेंआरएसएस की कार्यशाला के आयोजन के मौके पर पहुंचे होसबोले ने बताया कि इस कार्यशाला में संघ के 390 प्रचारक और कार्यकर्ता समाज में काम करने के अपने अनुभवों को साझा करेंगे. आरएसएस के इस तीन दिनों की कार्यशाला की शुरुआत संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पाकिस्तान की फायरिंग में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर की. इस कार्यशाला में बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह भी शिरकत करेंगे.