कश्मीरी आतंकी बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हुई मौत के बाद से ही कश्मीर में पत्थरबाज गैंग सड़कों पर आकर हिंसा पर उतर आया था. कुछ दिनों की ख़ामोशी के बाद एक बार फिर ये गैंग सक्रिय हो गया है. लेकिन इस बार केंद्र सरकार पिछली बार के उलट इनसे सख्ती से निपटने का ब्लू प्रिंट तैयार कर चुकी है.
आजतक को मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने इस बात को चिह्नित किया है कि आतंकवादी गुट और संगठन पाकिस्तान की शह पर इन घटनाओं के वीडियो बना कर उन्हें वायरल कर रहे हैं ताकि असंतोष को और बढ़ावा दिया जाए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भारत की बदनामी हो. इस प्रचार को काउंटर करने के लिए सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है.
सूत्रों के अनुसार सरकार इस प्रोपगंडा से निपटने के लिए सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल करेगी. आने वाले दिनों में गृह मत्रालय की तरफ से इस फैसले को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. दरअसल पिछले लगभग एक साल से कश्मीर घाटी में आये दिन हो रहे तनाव से निबटने के लिए होने वाली समीक्षा बैठकों में सरकार के सामने ख़ुफ़िया एजेंसियों से ये प्रस्ताव आता रहा, लेकिन सरकार इसे अमल में लाने से यह सोचकर बचती रही कि इस करवाई का असर उसके खिलाफ भी जा सकता है्.
ये है सरकार का प्लान
-पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में हो रही हिंसा को सोशल मीडिया की मदद से अंतरराष्ट्रीय जगत के सामने उजागर करना
-भारतीय सेना द्वारा किये जा रहे अच्छे काम को वीडियोज के ज़रिये दिखाना
-आतंकी संगठनों द्वारा जारी किये जा रहे फर्जी वीडियोज, जिनमें फर्जी विक्टिम्स भारत और सुरक्षाबलों पर मानवाधिकार हनन का आरोप लगाते हुए दिखाए जाते हैं, उन्हें बिना समय गंवाए सच के साथ एक्स्पोज करना
-सरकार इस काम के लिए मानवाधिकार संगठनों और गैर सरकारी संगठनों की मदद भी लेगी
-सरकार अब इन वीडियोज को वायरल करने वाली वेबसाइट्स पर सख्त रवैया अपनाएगी और उन संधिग्ध वेबसाइट्स को तत्काल प्रभाव से बैन करेगी
सूत्रों की माने तो सरकार अब प्रतिक्रिया नहीं बल्कि एक्टिव रोल निभाएगी ताकि आतंकियों के हर मंसूबे का मुहतोड़ जवाब दिया जा सके. सोमवार को गृह मंत्रालय में इस मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई जिसमें गृह मंत्री राजनाथ सिंह, प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जीतेन्द्र सिंह और ख़ुफ़िया एजेंसीज के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए. सरकार और उसके सभी अंग इस मुद्दे पर सक्रिय हैं.
अभी दो दिन पहले आर्मी चीफ कश्मीर के दौरे पर थे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और राज्य सरकार से भी बात की. आज से शुरू हुए आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में भी कश्मीर के हालत पर चर्चा होगी. मुमकिन है की इस दो दिन की कॉन्फ्रेंस के बाद सरकार कुछ और कड़े फैसले ले सकती है.