ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी में मंगलवार रात 4 मंजिला और निर्माणाधीन 6 मंजिला इमारत गिर गई जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई, यह हादसा दिल्ली के ललिता पार्क के उस हादसे की याद ताजा कर गया जिसमें 70 लोगों की मौत हो गई थी और 77 लोग घायल हुए थे. नवंबर 2010 में ललिता पार्क इलाके में हुए हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.
इस हादसे में पांच मंजिला इमारत ढहने से 70 लोगों की मौत हो गई थी. हैरान करने आश्चर्य की बात यह है कि इतने बड़े हादसे के लिए केवल एक जेई (जूनियर इंजीनियर) को दोषी माना गया और 21 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. जुर्माने की राशि एक साल में पेंशन से काटी जाएगी.
ग्रेटर नोएडा में हुए हादसे में एसएसपी अजय पाल शर्मा ने बताया कि हादसे के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बिल्डर गंगा शरण द्विवेदी भी शामिल हैं. गिरफ्तार अन्य दो लोग बिल्डर के सहयोगी बताए जा रहे हैं. इस मामले में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दायर किया गया है.
जिलाधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि अथॉरिटी से चेक करेंगे कि बिल्डर ने किन-किन मानकों का पालन नहीं किया. छह थानों की पुलिस व गाजियाबाद से नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और देर रात राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया. एनडीआरएफ की चार टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं.
दरिया बन चुकी थीं इलाके की सड़कें, इसलिए गिरी इमारत
शाहबेरी की सड़कें पानी से भरी लबालब भरी थीं और जगह-जगह मैनहोल खुले पड़े थे. छोटी- छोटी गलियों के बीच रोड़ी, बदरपुर और बिल्डिंग बनाने के सामान का पहाड़ खड़ा था. जिधर नजर जाती है उधर ही बहुमंजिला इमारत खड़ी है और करीब हर इमारत के नजदीक सड़क पर पानी भरा हुआ था. माना जा रहा है कि इसी जलभराव की वजह से इमारतों की नींव कामजोर हो गई थी.
गुलशन होम के कई लोगों ने इस बात की शिकायत भी की थी कि बिल्डर ने ना केवल मेंटेनेंस से मना किया बल्कि बेचे गए घर में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दीं. यही वजह है कि हर घर के आगे गलियों में सड़कों पर पानी भर गया और घरों की नींव कमजोर हो गई.
अथॉरिटी और बिल्डर माफिया की सेटिंग से बहुमंजिला इमारतों का अवैध धंधा शाह बेरी में फल फूल रहा है. इलाके की जमीन का अधिग्रहण नोएडा अथॉरिटी ने किया था, तब विरोध में इलाके के लोग अदालत पहुंच गए थे और लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के हक में फैसला दिया था. इसके बाद जमीन का अधिग्रहण रद्द हुआ. कई बिल्डरों ने अपने प्रोजेक्ट यहां से शिफ्ट कर लिए.
इससे पहले भी हो चुके हैं हादसे
June 23, 2018: दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में बेसमेंट का एक हिस्सा गिरने से एक की मौत और 5 घायल
MAY 7, 2018: नॉर्थ दिल्ली के गुजरावाला टाउन में एक निर्माणाधीन बैंक्वेट हॉल के ढहने से 7 लोग मलबे में दबे, बाद में बचा लिया गया
JULY 2, 2017: लक्ष्मी नगर में 4 मंजिला बिल्डिंग के गिरने से 4 लोग दबे
MAY 6, 2017: वेस्ट दिल्ली के इंद्रपुरी में 5 मंजिला इमारत गिरी, 5 लोग दबे
JAN 16, 2017: पुरानी दिल्ली के चांदनी महल इलाके में सदियों पुरानी इमारत गिरने से बुजुर्ग दंपति की मौत
APRIL 29, 2016: चांदनी चौक इलाके में तीम मंजिला इमारत गिरने से 2 की मौत।
JULY 18, 2015: विष्णु गार्डन इलाके में 4 मंजिला इमारत ढहने से 9 साल की बच्ची समेत 5 की मोत
AUGUST 1, 2014: हरिनगर में निर्माणाधीन बिल्डिंग के मलबे में दबकर 4 की मौत
JUNE 28, 2014: नॉर्थ दिल्ली में 4 मंजिला इमारत गिरने से 8 की मौत।
SEPTEMBER 2011: पुराने जामा मस्जिद इलाके में 7 लोगो की मौत और 19 घायल
NOVEMBER 15, 2010: लक्षमी नगर के ललिता पार्क हादसे में 5 मंजिला इमारत गिरने से 71 लोगों की मौत
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार, 2010 से 2014 के बीच पूरे देश में 13,178 लोगों ने जान गंवा दीं.