13 के इंतजार में 73 तमन्नाओं ने आसमान पकड़ लिया है, लेकिन सपना भी एक ही है और सिंहासन भी एक ही. मुश्किल ये है कि सपना तो बंट सकता है लेकिन सिंहासन नहीं. उन सपनों की एक डाल पर राहुल बैठे हैं और दूसरे पर नरेंद्र मोदी, लेकिन किसका सपना पूरा होगा?
बीजेपी ये उम्मीद बांधकर बैठी है कि मोदी का पत्ता कांग्रेस के बाग में पतझड़ ला देगा और कांग्रेस सोचकर बैठी है कि राहुल की आंधी जब चलेगी तो सावन झख मारकर मुकद्दर में सिंहासन लिख देगा.
अभी तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों एक कदम आगे और दो कदम पीछे की चाल चल रही हैं, लेकिन राजनीति के खेल चाहे जितने अच्छे हों खुल ही जाते हैं.
मोदी और राहुल में एक फर्क है. मोदी को एक चाल चलते हुए 14 चेहरों की तरफ ताकना पड़ रहा है और राहुल की चाहत पर 114 चेहरे उनकी तरफ देख रहे हैं. सारा खेल अपने-अपने साहब को जादूगर साबित करने का है. लेकिन सपने तो उसी के पूरे होंगे जिसके पास सत्ता को साधने की चाबी भी होगी और चमत्कार का चरित्र भी.
इसी पर आज तक के कार्यक्रम 'हल्ला बोल' में आज का मुद्दा है- "किसका सपना होगा पूरा- मोदी या राहुल?". नीचे दिए कॉमेंट बॉक्स में अपनी राय देकर आप भी इस बहस में शामिल हो सकते हैं. सबसे बढ़िया कॉमेंट्स आज शाम 6:00 बजे आज तक पर प्रसारित किए जाएंगे. यही नहीं एक यूजर को कार्यक्रम के दौरान फोन परअपना सवाल पूछने का भी मौका मिलेगा. तो देर किस बात की. लिख भेजिए हमें अपनी राय. हां, अपने कॉमेंट्स के आगे अपना और अपने शहर का नाम तथा फोन नंबर लिखना ना भूलें.