गुजरात में पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने शुक्रवार को कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानते हैं. साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने की वकालत की है. पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के नेता ने एलान किया कि योग्यता के मुताबिक 25 वर्ष का होने के बावजूद आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे.
मुंबई में एक समारोह के दौरान हार्दिक पटेल ने कहा, ‘मैं राहुल गांधी को व्यक्तिगत स्तर पर पसंद करता हूं लेकिन मैं उन्हें नेता नहीं मानता क्योंकि वह मेरे नेता नहीं हैं.’गुजरात के पाटीदार समुदाय के आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे पटेल ने पिछले वर्ष दिसम्बर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के साथ मिलकर काम किया था.
प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में प्रवेश पर हार्दिक ने कहा कि गांधी के परिवार के पास राजनीति का अच्छा अनुभव है, ऐसे में अगर प्रियंका राजनीति में आती हैं तो जनता को उस राजनीतिक अनुभव का फायदा होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अच्छे लोग राजनीति में नहीं आएंगे तो फिर राजनीति में खराब लोग ही मनमर्जी से काम करते रहेंगे.
हार्दिक ने दावा किया कि अगर कांग्रेस ने उनके आंदोलन को पूरा समर्थन किया होता तो गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी की सीटों की संख्या 60 होती न कि उसे 99 सीटें मिलतीं. 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 77 सीटें मिली थीं.
पटेल ने कहा कि गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के प्रतिनिधियों की पूरी संख्या देखकर खुशी होती है. कांग्रेस पार्टी अब गुजरात के लोगों की आवाज पूरे विश्वास के साथ उठा रही है.