स्वतंत्रता सेनानियों और देश की आजादी के दौरान अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीदों की पहचान और रिकॉर्ड बनाने के लिए दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है.
अल-हिंद पार्टी ने दायर की है याचिका
हाई कोर्ट ने कहा है कि सरकार याचिका को ज्ञापन के रूप में मानते हुए इस पर विचार कर निर्णय लें. ये याचिका अल-हिंद पार्टी ने दायर की है. याचिकाकर्ता के मुताबिक साल 1857 से 1947 के बीच शहीद हुए स्वतंत्रता सैनानियों की पहचान और उनका रिकॉर्ड बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए.
दयनीय स्थिति में हैं सेनानियों के परिवार
याचिकाकर्ता का दावा है कि इनमें से कई लोग ऐसे हैं, जो आज भी गुमनामी के अंधेरे में हैं और उन स्वतंत्रता सैनानियों के परिवार आज भी बेहद दयनीय स्थिति में हैं. याचिका में इस बात पर काफी हैरानी जताई गई है कि केंद्र सरकार इनके लिए कुछ नहीं कर रही है. ऐसे में कोर्ट सरकार को इनके रिकॉर्ड बनाने के लिए कमेटी गठित करने का आदेश जारी करे, जिससे स्वतंत्रता सेनानियों परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को कुछ हद तक सुधारा जा सके.