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हवाईअड्डों पर ड्रोन हमले का खतरा, राजनाथ सिंह ने की हाईलेवल मीटिंग

एयरपोर्ट पर ड्रोन के खतरे को देखते हुए ये बैठक बुलाई गई थी. इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय से बातचीत की थी.

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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह

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देश के बड़े हवाईअड्डों पर आतंकी खतरे के मद्देनजर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को दिल्ली में अहम बैठक की. इस बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू, डीजी सीआईएसफ, आई बी चीफ, गृहसचिव और ब्यूरो ऑफ़ सिविल एविएशन के अधिकारी मौजूद थे.

ड्रोन हमले का खतरा
एयरपोर्ट पर ड्रोन के खतरे को देखते हुए ये बैठक बुलाई गई थी. इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय से बातचीत की थी. खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि आतंकी संगठन ड्रोन से एयरपोर्ट को निशाना बना सकते हैं. एयरपोर्ट के फ्रंट साईड से आतंकी हमले का खतरा सबसे ज्यादा है. एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर ऑडिट में एयरपोर्ट से सटी झुग्गियों, कालोनियों और होटल के जरिये चिंता जताई गई थी. 98 में से 26 एयरपोर्ट की सुरक्षा पुख्ता नहीं है ऐसी रिपोर्ट आई थी.

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एजेंसियों से मिले इनपुट पर चर्चा
इससे पहले पांच अगस्त को दिल्ली में गृह राज्यमंत्री किरन रिजीजू और नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा के बीच हुई अहम बैठक में सुरक्षा पर चर्चा की गई थी. इसमें सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट पर विस्तार से बातचीत की गई थी. अब सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जिस तरीके से आतंकी खतरे का डर बना है ऐसे में ये बैठक महत्वपूर्ण है.

सिक्योरिटी ऑडिट में उठे थे कई सवाल
उधर आपको बता दे कि जो 5 अगस्त को एयरपोर्ट सिक्योरिटी ऑडिट हुयी थी उसमें सरकार को आगाह करते हुए बताया गया था कि दिल्ली एयरपोर्ट के पास एयरोसिटी है. यहां कई ऊंची बिल्डिंग वाले पांच सितारा होटल हैं. आतंकी इनकी ऊंचाई का फायदा उठा सकते हैं. स्लम और आसपास बसी कॉलोनियां खतरनाक साबित हो सकती हैं. इनके जरिये हमलवार आसानी से एयरपोर्ट को निशाना बना सकते हैं.

कार्गो की व्यवस्था पर निगरानी
इसके अलावा सीआईएसएफ और आईबी ने अपने सुरक्षा पर किए अध्ययन में कहा कि कार्गो की व्यवस्था पर निगरानी की बहुत ज्यादा जरूरत है. अगर जरा सी भी चूक होती है तो आतंकी कार्गो का फायदा उठा एयरपोर्ट में प्रवेश कर सकते हैं. गुरुवार की बैठक को लेकर गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि ये एयरपोर्ट सिक्योरिटी ऑडिट को लेकर बैठक थी. वही नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि जो भी सुरक्षा को लेकर अलर्ट रहता है सरकार उस पर समय समय पर समीक्षा करती रहती है.

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