बैंगलूर के श्रीरामपुरा में रहने वाले एक युवक ने UPSC सिविल सेवा के प्रकाशित नतीजों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. वह यूपीएससी अधिकारियों के रवैये से भी आहत था. वहीं, यूपीएससी की ओर से इन आरोपों को झुठलाया गया है.
पुलिस ने जानकारी दी कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की तैयारी कर रहे एक 24 वर्षीय मंजूनाथ वी वाई ने शुक्रवार को कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. वह यूपीएससी सिविल सेवा के नतीजों में कथित गड़बड़ी से परेशान था. इस पर, UPSC ने कहा है कि इंटरव्यू में मंजूनाथ नाम का कोई छात्र नहीं था. उसके परिजनों के आरोप गलत हैं. यूपीएससी की ओर से यह भी कहा गया है कि उन्हें मंजूनाथ की ओर से कोई ईमेल या फैक्स नहीं मिला था.
शहर में श्रीरामपुरा के निवासी मंजुनाथ वी वाई ने 10 मई को एक निर्माणाधीन इमारत में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. खुदकुशी से पहले वह कोडागु इलाके में रहने वाले एक अपने दोस्त के घर गया था.
पुलिस के मुताबिक, मंजूनाथ इस बात से परेशान था कि इस साल सिविल सेवा परीक्षा के जो नतीजे आए, उसमें चयनित उम्मीदवारों की सूची में उसके रोल नंबर पर किसी और का नाम था.
पुलिस ने बताया कि मंजूनाथ को परीक्षा में 264वीं रैंक मिली, पर इंटरव्यू के बाद आए अंतिम नतीजों में चयनित उम्मीदवारों की सूची में उसके रोल नंबर के आगे किसी और का नाम था.
यह देखकर हैरत में पड़े मंजुनाथ ने तब यूपीएससी अधिकारियों से संपर्क किया और पत्र लिखकर भी उनसे नतीजों में हुए इस ‘घालमेल’ के बारे में पूछा. यूपीएससी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला तो उसने खुदकुशी कर ली.