बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को कहा कि अगर सरदार वल्लभभाई पटेल ना होते तो हिंदुस्तान के सिर्फ दो नहीं बल्कि कई टुकड़े हो जाते.
आडवाणी गुजरात के भरुच में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि आजादी से पहले आधे से ज्यादा भारत पर अंग्रजों का राज था. बाकी हिस्से में 565 रियासतें थीं. उन पर अंग्रजों का सीधा राज नहीं था. स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाने के लिए मजबूर कर दिया था. लेकिन अंग्रेजों ने तय किया कि जब भारत से जाएंगे तो भारत के दो हिस्से किए जाएंगे. साथ ही यहां की रियासतों को उनकी प्रभुसत्ता वापस लौटा दी जाएगी. ये रियासतें इस बात को लेकर स्वतंत्र होगी कि वह भारत में मिलें या नहीं. लेकिन ये सरदार पटेल का ही प्रयास था जिसकी बदौलत ये सभी रियासतें भारत में मिल गईं.
उन्होंने कहा कि कई रियासतें पाकिस्तान के साथ मिलना चाहती थीं. वह मोलतोल में लगी थी. लेकिन ये पटेल का ही कुशल नेतृत्व था कि उन्हें भारत में मिला लिया गया.
सरदार पटेल की विरासत को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच यहां उनकी मूर्ति की नींव रखी गई. यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी और इसे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' कहा जाएगा.