मुंबई के उपनगरीय इलाके मलाड में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है. 31 अन्य पीड़ितों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें 12 की हालत गंभीर है.
पुलिस उपायुक्त धनंजय कुलकर्णी ने बताया कि इस मामले में आठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जिनमें मलवानी पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक प्रकाश एस. पाटिल के अलावा तीन अधिकारी और चार कॉन्स्टेबल शामिल हैं.
इस घटना में 5 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. दो की पहचान राजू लंगड़ा और शंकर के रूप में हुई है. वे कथित रूप से पास के ठाणे जिले के वसई-विरार इलाके से अवैध शराब के पाउच लेकर आए थे.
सीएम के आदेश पर गहराई से जांच
एक सरकारी प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और दो दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
पीड़ितों में सभी झुग्गी-बस्ती के
मृतकों में अधिकांश लक्ष्मी नगर झुग्गी बस्ती के हैं. ये वाहन चलाने या दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे. इन सभी ने बुधवार रात राठोड़ी गांव के एक बार में देसी सस्ती शराब पी थी. सस्ती शराब पीकर मस्त लोगों में गुरुवार सुबह से जहर के लक्षण दिखने लगे थे. वे सभी उल्टियां करने लगे. उनके पेट में दर्द और आंखों में जलन हो रही थी. उनमें से कई बेहोश भी हो गए थे. बेहोश हुए लोगों को उनके परिवार वाले स्थानीय अस्पताल ले गए, लेकिन इनमें से कुछ की रास्ते में ही मौत हो गई. मृतकों में कई कर्नाटक के गुलबर्गा क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं.
क्राइम ब्रांच कर रही है जांच
महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री रंजीत पाटिल ने बताया कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने घटना की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने बताया कि जहरीली शराब के स्रोत का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की गई है. यह टीम शराब बनाने, बेचने तथा अलग-अलग जगह इसे ले जाने वाले लोगों का भी पता लगाएगी.
गौरतलब है कि राज्य में 23 दिसंबर, 2004 के बाद जहरीली शराब से हुई मौतों का यह पहला बड़ा मामला है. वर्ष 2004 में जहरीली शराब से 87 लोगों की मौत हो गई थी.
इनपुट: IANS