विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद सहित 26/11 मामले के सभी दोषियों को कानून के कठघरे में लाना सिर्फ भारत की जनता को संतुष्टि देने के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि इसलिए भी जरूरी है ताकि फिर ऐसे हमले न हों.
जमात-उद-दावा प्रमुख के मुद्दे पर पाकिस्तान को सहमत करने की कोशिश न छोड़ने का जिक्र करते हुए खुर्शीद ने कहा कि माफ कर देना न तो भारतीय जनता के लिए अच्छा होगा और न ही सरकार के लिए अच्छा होगा. उन्होंने मामले में तार्किक निष्कर्ष की जरूरत पर जोर दिया.
विदेश मंत्री ने कहा कि हम माफ करने नहीं जा रहे और न ही हमने माफ किया है. ऐसा करना देश की जनता और खुद हमारे साथ अन्याय होगा. खुर्शीद ने कहा कि कुछ ऐसे जटिल मुद्दे हैं जिन पर तुरंत राहत, प्रतिक्रिया या जवाब मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती.
विदेश मंत्री ने कहा कि लेकिन आपको अपना काम जारी रखना है, आपको संघर्ष जारी रखना है. हम ऐसा करना जारी रखेंगे क्योंकि यह सिर्फ बीती हुई बात नहीं है बल्कि ऐसा हमारे खिलाफ भविष्य में भी किया जा सकता है. अजमल कसाब को फांसी दिए जाने के बाद देश में ‘कहीं भी’ हमले करने की पाकिस्तान तालिबान की धमकियों के बाबत खुर्शीद ने कहा कि वह इसे हल्के में नहीं ले सकते. खुर्शीद ने यह भी कहा कि सरकार आगामी दिनों और महीनों में इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के सुरक्षा हालात की समीक्षा जारी रखेगी.