कश्मीर घाटी में अलगाववादियों के सोमवार को प्रस्तावित मार्च से पहले रविवार को प्रशासन ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया. एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. राज्य में हुर्रियत कान्फ्रेंस के कट्टरपंथी और उदारवादी दोनों धड़ों की तरफ से सोमवार को श्रीनगर के लाल चौक पर स्वायत्तता की मांग को लेकर रैली का आह्वान किया गया है.
रविवार सुबह ही घाटी के सभी जिलों में लाउडस्पीकरों पर यह की घोषणा जाने लगी कि कर्फ्यू लगा दिया गया है और लोग अपने-अपने घरों में रहें. जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोडा ने बताया रविवार सुबह से लेकर अगले आदेश तक घाटी में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. इन आदेशों के लागू होने के बाद पांच या उससे अधिक लोगों का एक साथ इकट्ठा होना गैरकानूनी माना जाता है. उन्होंने बताया कि यह कदम लोगों की जानमाल की रक्षा और हिंसा भड़कने से रोकने के लिए उठाया गया है.
खोडा ने बताया कि स्थिति की समीक्षा की जा रही है और कोशिश की जाएगी की ये पाबंदियां कम से कम समय तक जारी रखने की कोशिश की जाएगी. इससे पहले हर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों की संयुक्त संयोजन समिति ने छह अक्टूबर को लाल चौक तक भारी मार्च का अह्वान किया था. हालांकि हुर्रियत ने कहा है कि लाल चौक तक होने वाला मार्च बिल्कुल शांतिपूर्ण होगा. लेकिन प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता.