दुनियाभर में जारी कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को सरकार वापस लाने की तैयारी कर रही है. केंद्र सरकार ने विमान और नेवी के जहाजों के जरिए विदेशों से भारतीयों को निकालने की मंजूरी दे दी है. विदेशों में फंसे भारतीयों को 7 मई से कई चरणों में लाया जाएगा.
ताजा जानकारी के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारतीयों को 7 मई को वापस लाया जाएगा. इसके लिए दो स्पेशल फ्लाइट्स की व्यवस्था की गई है. जानकारी के मुताबिक एक फ्लाइट अबू धाबी से कोच्चि जबकि दूसरी फ्लाइट दुबई से कोझिकोड को जाएगी.
गृह मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक फ्लाइट्स और नेवी के जहाजों से विदेशों से भारतीयों को लाया जाएगा. इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल तैयार किया गया है. भारत के हाई कमिशन और दूतावास लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए भारतीयों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं. बता दें कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक विदेशों में फंसे हुए हैं.
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नोटिफिकेशन के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को भुगतान करना होगा यानी यह सुविधा पेमेंट के आधार पर होगी. इसके लिए कमर्शियल फ्लाइट्स उपलब्ध कराई जाएंगी और 7 मई से कई चरणों में लोगों को निकाला जाएगा. वहीं, फ्लाइट्स से पहले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी. जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण नहीं होंगे उन्हें ही यात्रा करने की इजाजत मिलेगी. वहीं, यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी सभी प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होगा.
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Government of India to facilitate return of Indian Nationals stranded abroad.
Process to begin from May 7 in a phased manner.@MEAIndia & @MoCA_GoI to soon share detailed info on their websites.#COVIDー19#IndiaFightsCoronavirus
Press Release 👇https://t.co/XPYsKYoiJ9 pic.twitter.com/cBrYUKT6Yl
— Spokesperson, Ministry of Home Affairs (@PIBHomeAffairs) May 4, 2020
इस संबंध में गृह मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और सभी की मेडिकल जांच की जाएगी. वहीं, भारत आने के बाद उन्हें अस्पताल या क्वारनटीन सेंटर में 14 दिन के लिए भुगतान के आधार पर रखा जाएगा.
14 दिन के बाद COVID-19 का दोबारा टेस्ट किया जाएगा और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी. गृह मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय जल्द ही अपनी वेबसाइट्स पर इस बात की जानकारी देंगे.
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